उत्तराखंड वन विभाग में भर्ती के नियम बदले: वन दरोगा के लिए अब ग्रेजुएशन जरूरी, आयु सीमा में भी बदलाव
उत्तराखंड वन विभाग में भर्ती के नियम बदले: वन दरोगा के लिए अब ग्रेजुएशन जरूरी, आयु सीमा में भी बदलाव
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने कैबिनेट बैठक में वन विभाग की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। अब वन दरोगा, वन आरक्षी (Forest Guard) और सांख्यिकीय अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया नए नियमों के तहत होगी।
प्रमुख बदलाव एक नजर में:
1. वन दरोगा के लिए बढ़ी शैक्षणिक योग्यता
सबसे बड़ा बदलाव वन दरोगा के पद के लिए किया गया है। अब तक इस पद के लिए केवल 12वीं (इंटरमीडिएट) पास होना जरूरी था, जिसे अब बढ़ाकर स्नातक (ग्रेजुएशन) कर दिया गया है। विभाग का मानना है कि इससे वन संरक्षण और प्रबंधन में अधिक पेशेवर दक्षता आएगी।
2. आयु सीमा में संशोधन
कैबिनेट ने विभिन्न पदों के लिए आयु सीमा को भी स्पष्ट और निर्धारित कर दिया है:
वन दरोगा: 21 वर्ष से 35 वर्ष।
वन आरक्षी (Forest Guard): 18 वर्ष से 25 वर्ष।
3. सांख्यिकीय सेवा नियमावली में सुधार
वन विभाग में सांख्यिकीय अधिकारियों के 4 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी अनुभव की अस्पष्टता को दूर कर दिया गया है। अब तकनीकी दक्षता को प्राथमिकता देते हुए भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
क्यों लिए गए ये फैसले?
बेहतर प्रबंधन: वन दरोगा संगठन लंबे समय से योग्यता बढ़ाने की मांग कर रहा था ताकि विभाग में उच्च शिक्षित और कुशल युवा आ सकें।
विवादों का अंत: भर्ती के नियमों और आयु सीमा को स्पष्ट करने से भविष्य में होने वाली भर्तियों में कानूनी अड़चनें कम होंगी।
कार्यक्षमता में सुधार: सांख्यिकीय पदों पर तकनीकी सुधार से डेटा मैनेजमेंट और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सटीकता आएगी।
वन दरोगा संगठन की प्रतिक्रिया: संगठन के प्रदेश अध्यक्ष स्वरूप चंद रमोला ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि योग्यता बढ़ने से विभाग में बेहतर प्रतिभा आएगी, जिससे जंगलों के संरक्षण में सकारात्मक असर दिखेगा।
