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‘जीने के लिए सिर्फ 3-6 महीने बचे थे…’ कैंसर की जंग को याद कर भावुक हुए युवराज सिंह, बोले- लगा जैसे दूसरी जिंदगी मिली

‘जीने के लिए सिर्फ 3-6 महीने बचे थे…’ कैंसर की जंग को याद कर भावुक हुए युवराज सिंह, बोले- लगा जैसे दूसरी जिंदगी मिली

नई दिल्ली, 06 जनवरी 2026: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने अपनी कैंसर से लड़ाई के उन काले दिनों को याद कर भावुक हो गए। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन के यूट्यूब शो ‘द स्विच हिट’ पर बातचीत में युवराज ने खुलासा किया कि 2011 वर्ल्ड कप जीत के बाद जब उन्हें कैंसर का पता चला, तो डॉक्टरों ने कहा था कि उनके पास जीने के लिए सिर्फ 3 से 6 महीने बचे हैं।

युवराज ने बताया, “ट्यूमर फेफड़े और दिल के बीच था। डॉक्टरों ने कहा कि अगर कीमोथेरेपी नहीं करवाई तो हार्ट अटैक हो सकता है। उस समय मैं ऑस्ट्रेलिया टूर पर जाना चाहता था, टेस्ट टीम में जगह पक्की हो रही थी। लेकिन डॉक्टर ने साफ कहा- अब तय करो, क्रिकेट खेलना है या इलाज करवाना है।”

अमेरिका में इलाज के दौरान कीमोथेरेपी के कष्टदायक सेशन झेलने पड़े। लेकिन डॉक्टर लॉरेंस आइनहॉर्न के शब्दों ने उन्हें हिम्मत दी। युवराज ने कहा, “डॉक्टर ने मुझसे कहा- तुम यहां से ऐसे बाहर निकलोगे जैसे कभी कैंसर हुआ ही न हो। इन शब्दों ने मुझे ताकत दी। जब इलाज पूरा हुआ और डॉक्टरों ने कहा कि अब तुम फिर क्रिकेट खेल सकते हो, तो लगा जैसे मुझे दूसरी जिंदगी मिल गई।”

2011 वर्ल्ड कप में मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज ने कैंसर को मात देकर 2012 में शानदार वापसी की। उन्होंने कई मैच विनिंग परफॉर्मेंस दीं, जिसमें 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ कटक में 150 रनों की पारी भी शामिल है।

युवराज की यह कहानी लाखों कैंसर पीड़ितों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने अपनी संस्था ‘यूवीकैन’ के जरिए कैंसर जागरूकता और मरीजों की मदद का काम जारी रखा है।

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