कबाड़ में न भेजें… EV में कन्वर्ट करें पुरानी कार! दिल्ली सरकार की नई स्कीम में पहले 1,000 वाहनों पर मिलेगी 50,000 रुपये की सब्सिडी
कबाड़ में न भेजें… EV में कन्वर्ट करें पुरानी कार! दिल्ली सरकार की नई स्कीम में पहले 1,000 वाहनों पर मिलेगी 50,000 रुपये की सब्सिडी
नई दिल्ली, 5 जनवरी 2026: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार पुरानी पेट्रोल-डीजल कारों को कबाड़ में भेजने के बजाय इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) में बदलने को प्रोत्साहित कर रही है। ड्राफ्ट EV Policy 2.0 के तहत प्रस्ताव है कि पुरानी कारों को रेट्रोफिटिंग (इलेक्ट्रिक किट लगवाकर कन्वर्ट) करने पर पहले 1,000 वाहनों के मालिकों को 50,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह योजना उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद होगी जो अपनी महंगी लग्जरी कारें (जैसे मर्सिडीज या BMW) स्क्रैप करने से हिचकिचाते हैं। एक अधिकारी ने कहा, “लोगों ने 50 लाख रुपये की कार खरीदी, लेकिन स्क्रैप पर बहुत कम पैसे मिलते हैं। इस इंसेंटिव से वे अपनी गाड़ी को दोबारा इस्तेमाल कर सकेंगे और प्रदूषण भी कम होगा।”
रेट्रोफिटिंग में पुराने इंजन को हटाकर इलेक्ट्रिक मोटर, बैटरी और संबंधित कंपोनेंट्स लगाए जाते हैं। हालांकि, अभी यह प्रक्रिया महंगी है, इसलिए सब्सिडी से इसे सस्ता बनाने की कोशिश की जा रही है। दिल्ली में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल कारों पर पहले से बैन है, ऐसे में यह विकल्प मालिकों को राहत देगा।
EV Policy 2.0 के अन्य प्रस्ताव:
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की संख्या 5 लाख से बढ़ाकर 12 लाख करने का लक्ष्य।
महिलाओं के लिए ई-स्कूटी पर अतिरिक्त सब्सिडी (30,000 रुपये तक)।
नई इलेक्ट्रिक कारों पर 10,000 रुपये प्रति kWh सब्सिडी, अधिकतम 1 लाख रुपये तक (पहले 27,000 कारों के लिए)।
पुरानी गाड़ी स्क्रैप कर नई EV खरीदने पर अतिरिक्त इंसेंटिव।
चार्जिंग इंफ्रा बढ़ाने के लिए 15,000 AC और 2,000 DC चार्जिंग पॉइंट्स लगाने की योजना।
R&D फंड को 5 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये करने का सुझाव।
वर्तमान EV पॉलिसी मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है। नई पॉलिसी 2026 के पहले क्वार्टर में सार्वजनिक相談 के बाद लागू हो सकती है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
यह कदम दिल्ली को EV हब बनाने और हवा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि रेट्रोफिटिंग से न सिर्फ प्रदूषण कम होगा, बल्कि लोग अपनी पुरानी गाड़ियों को लंबे समय तक चला सकेंगे।
स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
