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2026 में स्कूल-कॉलेजों में बड़े बदलाव: NEP के तहत क्या नया होगा, सबकी नजर इन पर!

2026 में स्कूल-कॉलेजों में बड़े बदलाव: NEP के तहत क्या नया होगा, सबकी नजर इन पर!

नई दिल्ली, 4 जनवरी 2026: नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के लागू होने के साथ साल 2026 भारतीय शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बदलावों का साल साबित होने वाला है। स्कूलों से लेकर कॉलेजों तक कई नए नियम और सुधार लागू होंगे, जिन पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की नजर टिकी हुई है। इन बदलावों का मकसद रटंत शिक्षा को कम करना, स्किल डेवलपमेंट पर जोर देना और छात्रों का तनाव घटाना है। आइए जानते हैं प्रमुख चेंजेस क्या हैं:

स्कूलों में मुख्य बदलाव:

दो बार बोर्ड एग्जाम (कक्षा 10): CBSE कक्षा 10 के छात्रों के लिए साल 2026 से बोर्ड एग्जाम दो बार आयोजित करेगा। पहला एग्जाम फरवरी और दूसरा मई में होगा। छात्र दोनों में से बेस्ट स्कोर चुन सकेंगे। इससे एक बार फेल होने का डर कम होगा।

नई किताबें और सिलेबस (कक्षा 9-12): 2026-27 सेशन से कक्षा 9 से 12 तक की नई किताबें आएंगी, जो नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) पर आधारित होंगी। इसमें एक्टिविटी, ग्राफिक्स और प्रैक्टिकल लर्निंग पर ज्यादा फोकस होगा। ब्रिज कोर्स के जरिए छात्रों को नए सिलेबस के लिए तैयार किया जाएगा।

स्किल एजुकेशन अनिवार्य (कक्षा 6-8): कक्षा 6 से 8 तक स्किल आधारित शिक्षा जरूरी होगी। इसमें हैंड्स-ऑन प्रोजेक्ट्स जैसे प्लांट्स/एनिमल्स के साथ काम, मटेरियल्स और मशीन्स का उपयोग तथा कम्युनिटी सर्विस शामिल होंगे।

AI और वोकेशनल एजुकेशन: स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई बढ़ेगी। कक्षा 6 से वोकेशनल कोर्स शुरू होंगे, ताकि छात्र हुनर सीखें।

NCERT को डीम्ड यूनिवर्सिटी स्टेटस: NCERT अब डिग्री कोर्स चला सकेगा, रिसर्च और टीचर ट्रेनिंग पर फोकस बढ़ेगा।

कॉलेजों और हायर एजुकेशन में बदलाव:

विदेशी यूनिवर्सिटीज के कैंपस: UGC नियमों के तहत कई विदेशी यूनिवर्सिटीज (खासकर ऑस्ट्रेलिया की) भारत में कैंपस शुरू करेंगी। इससे छात्रों को घर बैठे ग्लोबल एजुकेशन मिलेगा।

विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल: UGC, AICTE और NCTE को मिलाकर एक सिंगल रेगुलेटर बनेगा। यह बिल 2026 में लागू हो सकता है, जिससे रेगुलेशंस आसान होंगे लेकिन फंडिंग पर केंद्र का कंट्रोल बढ़ेगा।

स्किल और मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्स: कॉलेजों में स्किल बेस्ड, हाइब्रिड और ऑनलाइन कोर्स बढ़ेंगे। माइक्रो-क्रेडेंशियल्स और इंडस्ट्री पार्टनरशिप पर जोर।

NIOS और फेल छात्रों के लिए सपोर्ट: बोर्ड में फेल छात्रों का डेटा NIOS को जाएगा, ताकि ओपन स्कूलिंग से आगे पढ़ाई जारी रख सकें।

ये बदलाव NEP 2020 के विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में बड़े कदम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे शिक्षा ज्यादा प्रैक्टिकल और स्टूडेंट-फ्रेंडली बनेगी, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर, टीचर ट्रेनिंग और समान लागू करने में चुनौतियां रहेंगी। छात्रों और अभिभावकों को इन बदलावों की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। आने वाला साल शिक्षा के क्षेत्र में नई शुरुआत का गवाह बनेगा!

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