अमेरिकी हमले के बाद कराकस: भय और अनिश्चितता के साए में डूबी राजधानी
अमेरिकी हमले के बाद कराकस: भय और अनिश्चितता के साए में डूबी राजधानी
कराकस, 4 जनवरी 2026: वेनेजुएला की राजधानी कराकस में शनिवार तड़के अमेरिकी सैन्य हमलों ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। रात के अंधेरे में हुए इन हमलों में कम से कम 40 लोग मारे गए, जिनमें आम नागरिक और सैनिक शामिल हैं। हमलों के बाद शहर की सड़कें सूनी पड़ी हैं, कई इलाकों में बिजली गुल है और लोग दहशत में घरों में दुबके हुए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि उनके निर्देश पर चलाए गए ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया गया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला को “सुरक्षित सत्ता हस्तांतरण” तक चलेगा और देश के विशाल तेल भंडारों का दोहन करेगा।
शहरवासियों का कहना है कि रात करीब 2 बजे शुरू हुए हमलों में कम से कम सात जोरदार धमाके हुए। फोर्ट टिउना जैसे प्रमुख सैन्य ठिकानों पर बमबारी की गई, जिससे धुएं के गुबार उठे और आसपास के इलाकों में बिजली गुल हो गई। एक स्थानीय निवासी नोरिस प्राडा ने कहा, “हम डरे हुए हैं, जैसे हर कोई। कई परिवार रात भर सो नहीं सके।”
हमलों के बाद कुछ इलाकों में मादुरो समर्थकों की छोटी रैलियां हुईं, जहां लोग अमेरिकी “साम्राज्यवादी हमले” की निंदा कर रहे हैं। लेकिन ज्यादातर सड़कें खाली हैं और मिलिशिया ग्रुप्स सतर्क हैं। वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया गया है, लेकिन देश में अनिश्चितता का माहौल है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस कार्रवाई की कड़ी निंदा हो रही है। रूस, चीन और कई लैटिन अमेरिकी देशों ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया। संयुक्त राष्ट्र में भी इस पर चर्चा होने वाली है।
कराकस में जीवन अब भय, सन्नाटे और अनिश्चित भविष्य के बीच फंसा हुआ लगता है। लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं, जबकि अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई “नार्को-टेररिज्म” के खिलाफ थी। आने वाले दिन बताएंगे कि यह संकट कहां तक जाएगा।
