EVM पर कर्नाटक की जनता का भरोसा बरकरार: कांग्रेस सरकार के सर्वे में 83% ने कहा ‘हां, विश्वसनीय हैं’, BJP ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
EVM पर कर्नाटक की जनता का भरोसा बरकरार: कांग्रेस सरकार के सर्वे में 83% ने कहा ‘हां, विश्वसनीय हैं’, BJP ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
बेंगलुरु: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार द्वारा कराए गए एक आधिकारिक सर्वे ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) पर जनता के भरोसे को मजबूत प्रमाण दिया है। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कराए गए इस सर्वे में 83.61% उत्तरदाताओं ने EVM को विश्वसनीय बताया। यह आंकड़ा 2023 के 77.9% से बढ़कर आया है, जो जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। सर्वे के नतीजों ने राजनीतिक हलचल मचा दी है, जहां BJP ने इसे राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ और EVM पर सवाल उठाने वाले आरोपों के लिए ‘चेहरे पर तमाचा’ करार दिया।
सर्वे का शीर्षक ‘Lok Sabha Elections 2024 – Evaluation of Endline Survey of Knowledge, Attitude and Practice (KAP) of Citizens’ है, जो कर्नाटक मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन अथॉरिटी (KMEA) द्वारा किया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अनबुकुमार के माध्यम से कमीशन किया गया यह अध्ययन राज्य के 102 विधानसभा क्षेत्रों में 5,100 लोगों पर आधारित है, जिसमें बेंगलुरु, बेलगावी, कलबुर्गी और मैसूरु डिवीजन शामिल हैं।
मुख्य नतीजे:
83.61% ने EVM को विश्वसनीय माना।
69.39% सहमत कि EVM सटीक परिणाम देते हैं, जबकि 14.22% ने पूरी सहमति जताई।
डिवीजन-वार: कलबुर्गी में सबसे ज्यादा भरोसा (83.24% सहमत + 11.24% पूरी सहमत), उसके बाद मैसूरु (70.67% + 17.92%), बेलगावी (63.90% + 21.43%) और बेंगलुरु में सबसे कम पूरी सहमति (9.28%), लेकिन 63.67% सहमत।
BJP के कर्नाटक विपक्ष नेता आर. अशोक ने X पर पोस्ट कर कहा, “राहुल गांधी सालों से कहते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है, EVM अविश्वसनीय हैं, लेकिन कर्नाटक की जनता ने अलग कहानी बयां की।” BJP ने इसे कांग्रेस के लिए ‘तमाचा’ बताया और सिद्धारमैया सरकार की बैलेट पेपर पर स्थानीय चुनाव कराने की योजना पर भी हमला बोला।
कांग्रेस की ओर से मंत्री प्रियांक खरगे ने सर्वे को ‘सरकार द्वारा कराया नहीं’ बताकर खारिज करने की कोशिश की, लेकिन रिपोर्ट चुनाव आयोग से जुड़ी होने से विवाद गहरा गया है। यह सर्वे SVEEP कार्यक्रम के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए था, जो मतदाता जागरूकता बढ़ाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये नतीजे EVM विवाद को नई दिशा दे सकते हैं।
