एआई वीडियो विवाद: हरीश रावत को ‘पाक जासूस’ बताने वाला रील हटाया, BJP बैकफुट पर क्यों?
एआई वीडियो विवाद: हरीश रावत को ‘पाक जासूस’ बताने वाला रील हटाया, BJP बैकफुट पर क्यों?
देहरादून, 27 दिसंबर 2025: उत्तराखंड की सियासत में एआई का इस्तेमाल अब हथियार बनता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत को पाकिस्तानी जासूस बताने वाला एक एआई जनरेटेड वीडियो BJP की उत्तराखंड इकाई ने अपने फेसबुक पेज से हटा लिया है। यह वीडियो 22 दिसंबर को वायरल हुआ था, जिसमें रावत को अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण करने वाला और पाकिस्तान का एजेंट दिखाया गया था। रावत ने इसे अपमानजनक बताते हुए BJP से माफी और वीडियो हटाने की मांग की, वरना FIR दर्ज कराने की धमकी दी।
रावत ने 23 दिसंबर को देहरादून में BJP ऑफिस की ओर अकेले मार्च किया और धरना दिया। उन्होंने कहा, “मैं पाकिस्तानी जासूस नहीं हूं, मैं एक प्रतिबद्ध हिंदू हूं। यह वीडियो मेरी छवि खराब करने की साजिश है।” प्रदर्शन के बाद नेहरू कॉलोनी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई, जिसमें BJP की राज्य इकाई पर अपमानजनक सामग्री फैलाने का आरोप लगा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से BJP बैकफुट पर आ गई। पार्टी ने दावा किया कि वीडियो उन्होंने नहीं बनाया और न ही मूल रूप से प्रसारित किया, लेकिन दबाव में 26 दिसंबर को इसे हटा लिया।
यह घटना एआई के राजनीतिक दुरुपयोग पर बहस छेड़ रही है। कांग्रेस ने इसे ‘डिजिटल जिहाद’ जैसा बताया, जबकि BJP ने रावत के विरोध को राजनीति से प्रेरित कहा। रावत ने मांग की कि BJP माफी मांगे और वीडियो पूरी तरह डिलीट करे। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई रील्स से चुनावी माहौल प्रभावित हो सकता है, और TRAI-DoT जैसे नियमों से इसे कंट्रोल करने की जरूरत है। क्या यह विवाद उत्तराखंड की सियासत को नई दिशा देगा? आने वाले दिन बताएंगे।
