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नई दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग ने सभी कांसुलर और वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से की निलंबित

नई दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग ने सभी कांसुलर और वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से कीं निलंबित

नई दिल्ली, 22 दिसंबर 2025: भारत-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग ने सभी कांसुलर और वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। उच्चायोग के बाहर लगाए गए नोटिस में लिखा है, “अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण बांग्लादेश उच्चायोग नई दिल्ली से सभी कांसुलर और वीजा सेवाएं अगले आदेश तक अस्थायी रूप से निलंबित हैं।”

यह फैसला 20 दिसंबर को उच्चायोग के बाहर हुए एक छोटे प्रदर्शन के बाद लिया गया। लगभग 20-25 लोगों के एक समूह ‘अखंड हिंदू राष्ट्र सेना’ ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों, विशेष रूप से मयमनसिंह में दीपू चंद्र दास की हत्या के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश सरकार की निंदा की और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग की।

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने इसे सुरक्षा चिंता बताते हुए कहा कि उच्चायुक्त एम रियाज हमीदुल्लाह और उनके परिवार को खतरा महसूस हो रहा है। विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने सवाल उठाया कि दिल्ली के हाई-सिक्योरिटी डिप्लोमैटिक एरिया में ऐसे प्रदर्शनकारियों को कैसे आने दिया गया।

पृष्ठभूमि: दोनों देशों में बढ़ता राजनयिक तनाव

यह कदम भारत द्वारा बांग्लादेश के चटगांव (चिटागांव) में अपने वीजा एप्लीकेशन सेंटर की सेवाएं निलंबित करने के एक दिन बाद आया है। भारत ने वहां भारतीय सहायक उच्चायोग पर पत्थरबाजी और सुरक्षा घटना का हवाला दिया।

बांग्लादेश में हाल के दिनों में युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद एंटी-इंडिया प्रदर्शन बढ़े हैं, जिसमें भारतीय मिशनों पर हमले हुए।

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिसे भारत ने गंभीर चिंता का विषय बताया है।

अगरतला में बांग्लादेश सहायक उच्चायोग ने भी कल से सेवाएं बंद करने की घोषणा की है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया और कहा कि कोई सुरक्षा उल्लंघन नहीं हुआ। MEA प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बांग्लादेशी मीडिया के कुछ रिपोर्ट्स को “भ्रामक प्रोपेगैंडा” करार दिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह टिट-फॉर-टैट कदम दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों को और जटिल बना रहा है। बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के नेतृत्व में स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है, जबकि भारत अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर जोर दे रहा है। सेवाएं कब बहाल होंगी, इस पर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।

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