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फ्रॉड से बचें: TRAI ने बताया असली और नकली SMS की आसान पहचान, सिर्फ सेंडर ID देखकर पता चल जाएगा

फ्रॉड से बचें: TRAI ने बताया असली और नकली SMS की आसान पहचान, सिर्फ सेंडर ID देखकर पता चल जाएगा

नई दिल्ली, 22 दिसंबर 2025: साइबर ठगों के बढ़ते हमलों के बीच भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने लोगों को अलर्ट किया है। TRAI ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर साफ बताया कि कोई भी व्यक्ति ऑफिशियल लगने वाला टेक्स्ट लिख सकता है, लेकिन असली मैसेज की पहचान सिर्फ सेंडर ID (हेडर) के आखिर में लगे कोड से होती है। अगर हेडर के अंत में -P, -S, -T या -G लिखा है, तो मैसेज TRAI नियमों के अनुसार वैध है, वरना संदिग्ध मानें।

TRAI के अनुसार, रजिस्टर्ड संस्थाएं ही इन कोड्स का इस्तेमाल कर सकती हैं। ये कोड मैसेज की कैटेगरी बताते हैं:

-P (Promotional): प्रमोशनल मैसेज, जैसे ऑफर्स या मार्केटिंग। ये TRAI की व्हाइटलिस्टेड कंपनियों से आते हैं।

-S (Service): सर्विस संबंधी मैसेज, जैसे बिल रिमाइंडर या अकाउंट अपडेट।

-T (Transactional): ट्रांजेक्शनल मैसेज, जैसे OTP, बैंक अलर्ट या पेमेंट कन्फर्मेशन।

-G (Government): सरकारी मैसेज, जैसे योजनाओं की जानकारी या अलर्ट।

उदाहरण: HDFCBK-T (बैंक ट्रांजेक्शनल), AD-AIRTEL-P (प्रमोशनल)। अगर मैसेज सामान्य 10-अंकों वाले नंबर से आता है या इन कोड्स के बिना है, तो फेक मानें। बैंक या सरकार कभी पर्सनल नंबर से मैसेज नहीं भेजती।

TRAI ने सलाह दी है कि सेंडर ID की वैधता चेक करने के लिए https://smsheader.trai.gov.in/ पर जाकर 9-अंकों वाला हेडर वेरिफाई करें। संदिग्ध मैसेज को 1909 पर फॉरवर्ड कर शिकायत करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि ये नियम फिशिंग और फ्रॉड को काफी हद तक रोकेंगे। लिंक पर क्लिक न करें, OTP शेयर न करें और हमेशा सेंडर ID चेक करें। TRAI की इस पहल से लाखों लोग साइबर ठगी से बच सकेंगे।

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