संसद में ई-सिगरेट विवाद: BJP ने TMC सांसद कीर्ति आजाद का वीडियो शेयर किया, ममता से मांगा जवाब – ‘हिम्मत तो देखिए!’
संसद में ई-सिगरेट विवाद: BJP ने TMC सांसद कीर्ति आजाद का वीडियो शेयर किया, ममता से मांगा जवाब – ‘हिम्मत तो देखिए!’
नई दिल्ली, 17 दिसंबर 2025: संसद के शीतकालीन सत्र में धूम्रपान का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। बीजेपी ने बुधवार को एक वीडियो जारी कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद पर लोकसभा के अंदर ई-सिगरेट पीने का गंभीर आरोप लगाया। बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने वीडियो शेयर करते हुए कहा, “जरा हिम्मत तो देखिए – सदन में हथेली में ई-सिगरेट छिपाकर पीना!”
मालवीय ने लिखा, “बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा संसद के अंदर ई-सिगरेट पीने का आरोप लगाए गए टीएमसी सांसद कोई और नहीं, बल्कि कीर्ति आजाद हैं। उनके जैसे लोगों के लिए नियम-कानून का कोई मतलब नहीं। धूम्रपान गैरकानूनी न हो, लेकिन संसद में इसका इस्तेमाल सरासर अस्वीकार्य है। ममता बनर्जी को अपने सांसद के इस दुर्व्यवहार पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।”
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
पिछले हफ्ते (11 दिसंबर) लोकसभा में बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने स्पीकर ओम बिरला से शिकायत की थी कि एक टीएमसी सांसद कई दिनों से सदन के अंदर ई-सिगरेट पी रहे हैं।
ठाकुर ने नाम नहीं लिया था, लेकिन लिखित शिकायत में इसे संसदीय मर्यादा और कानून का उल्लंघन बताया।
स्पीकर ने कहा कि ई-सिगरेट की अनुमति नहीं है और जांच के बाद कार्रवाई होगी।
भारत में 2019 के कानून से ई-सिगरेट का उत्पादन, बिक्री, इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। संसद परिसर में भी किसी भी तरह का धूम्रपान बैन है।
वीडियो में क्या दिख रहा?
बीजेपी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में कीर्ति आजाद सदन की कार्यवाही के दौरान हाथ मुंह के पास ले जाते और कथित तौर पर ई-सिगरेट का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। वीडियो संसद टीवी की फुटेज पर आधारित लगता है।
इससे पहले का विवाद
ठाकुर की शिकायत के ठीक बाद (11-12 दिसंबर) एक अन्य टीएमसी सांसद सौगता रॉय संसद परिसर के बाहर सिगरेट पीते कैमरे में कैद हो गए।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें टोका, तो रॉय ने कहा, “एक सिगरेट से कुछ नहीं होता, दिल्ली की प्रदूषण पर ध्यान दें। बाहर पीना_allowed है।”
टीएमसी ने आरोपों को आधारहीन बताया था।
कानूनी पहलू
प्रतिबंध: Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत ई-सिगरेट का कब्जा और इस्तेमाल दंडनीय अपराध है।
संसद सचिवालय के नियमों में भी परिसर में किसी भी निकोटिन डिवाइस का इस्तेमाल प्रतिबंधित है।
बीजेपी ने इसे युवाओं को गलत संदेश देने वाला बताया।
टीएमसी की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पहले पार्टी ने ऐसे आरोपों को सबूत के बिना खारिज किया था। यह विवाद पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी-टीएमसी के बीच तनाव को और बढ़ा रहा है।
