गडकरी का बड़ा ऐलान: 2026 तक आएगा AI बेस्ड टोल कलेक्शन सिस्टम, टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत खत्म!
गडकरी का बड़ा ऐलान: 2026 तक आएगा AI बेस्ड टोल कलेक्शन सिस्टम, टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत खत्म!
नई दिल्ली, 17 दिसंबर 2025: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में बड़ा ऐलान किया है कि देशभर में 2026 के अंत तक मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम और AI आधारित हाईवे मैनेजमेंट पूरी तरह लागू हो जाएगा। इस नए सिस्टम से टोल प्लाजा पर वाहनों को रुकने की जरूरत खत्म हो जाएगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और ट्रैफिक जाम की समस्या दूर होगी।
गडकरी ने सदन में कहा, “2026 तक हम यह काम 100 प्रतिशत पूरा कर लेंगे। इसके बाद टोल प्लाजा पर रुकने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। वाहन 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी टोल पार कर सकेंगे।” उन्होंने बताया कि नया सिस्टम पूरी तरह AI बेस्ड होगा, जिसमें ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR), सैटेलाइट ट्रैकिंग और मौजूदा FASTag को इंटीग्रेट किया जाएगा।
FASTag खत्म होगा या नहीं?
मंत्री ने स्पष्ट किया कि FASTag को फिलहाल खत्म नहीं किया जा रहा है। नया AI सिस्टम FASTag के साथ मिलकर काम करेगा। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि MLFF आने के बाद FASTag को रिप्लेस कर दिया जाएगा, लेकिन शुरुआती चरण में दोनों साथ चलेंगे। पुराना GNSS (सैटेलाइट बेस्ड) प्लान कुछ वजहों से होल्ड पर है, अब फोकस ANPR और AI पर है।
नए सिस्टम के फायदे:
समय की बचत: अभी FASTag से टोल पर रुकने का समय 60 सेकंड से कम है, लेकिन MLFF से यह जीरो हो जाएगा।
ईंधन बचत: सालाना करीब 1,500 करोड़ रुपये के ईंधन की बचत होगी।
सरकारी राजस्व बढ़ेगा: टोल लीकेज रुकेगा, अतिरिक्त 6,000 करोड़ रुपये की आमदनी होगी। FASTag से पहले ही राजस्व में 5,000 करोड़ की बढ़ोतरी हुई थी।
पारदर्शिता: टोल चोरी और गड़बड़ियां खत्म होंगी।
गडकरी ने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य टोल कलेक्शन को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। यह सिस्टम केवल नेशनल हाईवे पर लागू होगा, राज्य हाईवे या शहर की सड़कों पर नहीं।
यह ऐलान हाईवे यात्रियों के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि टोल प्लाजा पर लंबी कतारें और जाम की समस्या आम है। सरकार ने पहले भी GNSS बेस्ड सिस्टम की बात की थी, लेकिन अब AI और ANPR पर फोकस कर तेजी से लागू करने की योजना है।
