उत्तराखंड में बिल्डरों पर रेरा की कार्रवाई: 163 प्रमोटर्स को नोटिस, तिमाही अपडेट न करने पर सख्ती
उत्तराखंड में बिल्डरों पर रेरा की कार्रवाई: 163 प्रमोटर्स को नोटिस, तिमाही अपडेट न करने पर सख्ती
देहरादून, 13 दिसंबर 2025: उत्तराखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूके रेरा) ने राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। अथॉरिटी ने 163 रजिस्टर्ड प्रमोटर्स (बिल्डरों) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मुख्य वजह परियोजनाओं की तिमाही प्रगति रिपोर्ट (QPR) और वार्षिक रिपोर्ट (APR) को समय पर अपडेट न करना है।
यूके रेरा के अध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि रेरा एक्ट 2016 के तहत सभी रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स के प्रमोटर्स को हर तिमाही में परियोजना की प्रगति, फंड उपयोग और अन्य विवरणों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य है। यह नियम घर खरीदारों को सही जानकारी उपलब्ध कराने और धोखाधड़ी रोकने के लिए बनाया गया है। लेकिन कई प्रमोटर्स लंबे समय से इस नियम की अनदेखी कर रहे थे, जिसके बाद अथॉरिटी ने सख्त रुख अपनाया।
नोटिस प्राप्त करने वाले प्रमोटर्स को 15 दिनों के अंदर जवाब देना होगा और लंबित अपडेट पूरे करने होंगे। यदि वे ऐसा नहीं करते, तो उनके खिलाफ जुर्माना, प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन रद्द करने या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अथॉरिटी ने चेतावनी दी है कि आगे से नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
यह कार्रवाई हाल ही में लॉन्च नए रेरा पोर्टल के बाद की गई है, जो अपडेट और कंप्लायंस को आसान बनाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे घर खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा और राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर अधिक पारदर्शी बनेगा। देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी जैसे क्षेत्रों में कई प्रोजेक्ट्स प्रभावित हैं।
खरीदारों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश से पहले रेरा पोर्टल पर उसकी स्थिति जरूर चेक करें। अथॉरिटी ने हेल्पलाइन और ऑनलाइन शिकायत सुविधा भी मजबूत की है। यह कदम उत्तराखंड में अवैध प्लॉटिंग और अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स पर चल रही मुहिम का हिस्सा है।
