H-1B वीजा नियमों पर ट्रंप को झटका: 19 अमेरिकी राज्यों ने दायर किया मुकदमा, कैलिफोर्निया-वॉशिंगटन लीड कर रहे
H-1B वीजा नियमों पर ट्रंप को झटका: 19 अमेरिकी राज्यों ने दायर किया मुकदमा, कैलिफोर्निया-वॉशिंगटन लीड कर रहे
वॉशिंगटन, 13 दिसंबर 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई H-1B वीजा नीति पर कानूनी चुनौती बढ़ गई है। कैलिफोर्निया, वॉशिंगटन, न्यूयॉर्क, मैसाचुसेट्स समेत 19 डेमोक्रेटिक बहुल राज्यों के अटॉर्नी जनरल्स ने संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया है। ये राज्य ट्रंप प्रशासन के नए नियमों को असंवैधानिक और अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक बता रहे हैं, जो विदेशी कुशल कामगारों पर सख्ती बढ़ाते हैं।
ट्रंप ने नवंबर 2025 में H-1B वीजा नियमों में बदलाव की घोषणा की थी, जिसमें न्यूनतम वेतन सीमा बढ़ाना, स्पेशलाइज्ड स्किल्स की सख्त जांच और लॉटरी सिस्टम में बदलाव शामिल हैं। इसका उद्देश्य अमेरिकी नौकरियों की रक्षा करना बताया गया, लेकिन आलोचकों का कहना है कि इससे टेक इंडस्ट्री प्रभावित होगी, जहां भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स की बड़ी संख्या है। मुकदमे में आरोप है कि ये नियम बिना उचित प्रक्रिया के लागू किए गए और इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन करते हैं।
कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा ने कहा, “ये नियम इनोवेशन को रोकेंगे और हजारों नौकरियां खतरे में डालेंगे। सिलिकॉन वैली जैसे हब्स पर असर पड़ेगा।” वॉशिंगटन के बॉब फर्ग्यूसन ने इसे ‘ट्रंप की एंटी-इमिग्रेशन पॉलिसी’ का हिस्सा बताया। अन्य राज्य जैसे इलिनॉय, न्यू जर्सी, पेंसिल्वेनिया भी शामिल हैं।
ट्रंप प्रशासन ने जवाब में कहा कि ये बदलाव ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का हिस्सा हैं और कानूनी चुनौती का सामना करने को तैयार हैं। भारतीय आईटी कंपनियां जैसे इंफोसिस, टीसीएस प्रभावित हो सकती हैं, क्योंकि H-1B वीजा पर 80% से ज्यादा भारतीय आते हैं। अदालत में सुनवाई जल्द शुरू होने की उम्मीद है, जो ट्रंप की इमिग्रेशन रिफॉर्म्स पर बड़ा असर डाल सकती है।
