हैदराबाद में US कांसुलेट रोड का नाम बदला: अब बनेगी ‘डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू’, तेलंगाना सरकार का अनोखा सम्मान
हैदराबाद में US कांसुलेट रोड का नाम बदला: अब बनेगी ‘डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू’, तेलंगाना सरकार का अनोखा सम्मान
तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद को वैश्विक इनोवेशन हब के रूप में चमकाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रविवार को जारी प्रेस रिलीज में घोषणा की गई कि संयुक्त राज्य अमेरिका के कांसुलेट जनरल के साथ लगी हाई-प्रोफाइल सड़क का नाम ‘डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू’ रखा जाएगा। यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (45वें और 47वें राष्ट्रपति) को सम्मानित करने के लिए लिया गया है, जो दुनिया में पहली बार किसी सड़क का नाम उनके नाम पर होगा। गाचीबौली क्षेत्र में स्थित यह सड़क US कांसुलेट की सीधी पहुंच वाली है, और इसका नाम बदलाव राज्य की वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने की दिशा में एक प्रतीकिक कदम है।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के कार्यालय ने कहा, “यह प्रस्ताव ग्रह पर पहली बार होगा। हम ट्रंप को उनके योगदान के लिए सम्मानित कर रहे हैं।” राज्य सरकार विदेश मंत्रालय (MEA) और US दूतावास को औपचारिक पत्र लिखेगी, ताकि नामकरण प्रक्रिया पूरी हो सके। यह घोषणा तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट से ठीक पहले आई है, जो सोमवार से हैदराबाद के पास भारत फ्यूचर सिटी में शुरू हो रही है। रेड्डी ने अप्रैल 2025 में US-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) में वैश्विक कंपनियों के नाम पर सड़कों के नामकरण का प्रस्ताव रखा था, जो अब साकार हो रहा है।
इसके अलावा, अन्य प्रमुख नामकरण भी घोषित किए गए हैं, जो हैदराबाद को सिलिकॉन वैली जैसा बनाने की कोशिश का हिस्सा हैं:
रतन टाटा रोड: नेहरू आउटर रिंग रोड (ORR) से रीजनल रिंग रोड (RRR) को जोड़ने वाली ग्रीनफील्ड रेडियल रोड का नाम दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा के नाम पर। राविर्याल जंक्शन पहले ही ‘टाटा इंटरचेंज’ नामित है।
गूगल स्ट्रीट: फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट में गूगल के आगामी कैंपस (अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा) के साथ लगी सड़क, गूगल मैप्स के योगदान को मान्यता देते हुए।
माइक्रोसॉफ्ट रोड: आसपास की एक सड़क माइक्रोसॉफ्ट के नाम पर।
विप्रो जंक्शन: नजदीकी चौराहा विप्रो के सम्मान में।
ये नामकरण हैदराबाद की तेजी से बढ़ती IT हब वाली छवि को मजबूत करेंगे। रेड्डी ने कहा, “ये सड़कें न केवल सम्मान हैं, बल्कि वैश्विक निवेशकों को आमंत्रित करने का संदेश भी।” विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पर्यटन और रियल एस्टेट को बूस्ट मिलेगा, लेकिन कुछ वर्गों में विवाद भी हो सकता है, क्योंकि ट्रंप की नीतियां विवादास्पद रही हैं। US दूतावास ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन MEA से जल्द मंजूरी की उम्मीद है।
क्या यह नामकरण भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाई देगा? सभी की नजरें अब समिट पर टिकी हैं, जहां इन प्रस्तावों पर और चर्चा हो सकती है।
