बंगाल चुनाव में नया ट्विस्ट: TMC से निलंबित हुमायूं कबीर ने AIMIM से गठबंधन का ऐलान, BJP-TMC दोनों को देंगे कड़ी टक्कर
बंगाल चुनाव में नया ट्विस्ट: TMC से निलंबित हुमायूं कबीर ने AIMIM से गठबंधन का ऐलान, BJP-TMC दोनों को देंगे कड़ी टक्कर
पश्चिम बंगाल की सियासत में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा उलटफेर हुआ है। TMC के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ जैसे ढांचे का शिलान्यास करने के ठीक बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ गठबंधन की घोषणा कर दी। कबीर ने कहा कि वे अपनी नई पार्टी बनाकर 135 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे और BJP व TMC दोनों के खिलाफ मुस्लिम व दलित वोटबैंक को एकजुट करेंगे। यह ऐलान ममता बनर्जी की पार्टी के लिए मुसीबत बन सकता है, क्योंकि बंगाल में मुस्लिम आबादी करीब 30% है, जो TMC का मजबूत आधार रही है।
मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में हुए शिलान्यास कार्यक्रम में कबीर ने दावा किया कि 8 लाख से अधिक लोग इकट्ठा हुए, जिनमें से कई ईंटें और चंदा लेकर पहुंचे। “यह केवल मस्जिद नहीं, बंगाल के अल्पसंख्यकों की आवाज है। TMC ने मुझे सस्पेंड कर दिया, लेकिन मैं अपनी लड़ाई जारी रखूंगा। 22 दिसंबर को नई पार्टी का ऐलान करूंगा, और AIMIM के साथ मिलकर BJP की सांप्रदायिक राजनीति व TMC की भ्रष्टाचार को रोकेंगे,” कबीर ने कहा। उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए बोला कि “दीदी 2026 में CM नहीं बनेंगी, क्योंकि उन्होंने मुस्लिमों के मुद्दों को नजरअंदाज किया।” कबीर का यह कदम बिहार में AIMIM की सफलता से प्रेरित लगता है, जहां पार्टी ने मुस्लिम वोटों को बांटा था।
TMC ने कबीर को 4 दिसंबर को सस्पेंड कर दिया था, जब उन्होंने बाबरी मस्जिद निर्माण का ऐलान किया। पार्टी प्रवक्ता फिरहाद हाकिम ने कहा, “कबीर BJP के साथ मिलकर सांप्रदायिकता फैला रहे थे। हमने तीन चेतावनियां दीं, लेकिन वे नहीं माने।” TMC का आरोप है कि यह सब BJP की साजिश है, जो बंगाल में हिंदुत्व कार्ड खेल रही है। उधर, BJP ने कबीर के ऐलान को ‘मुस्लिम तुष्टिकरण’ बताते हुए हमला बोला। राज्य BJP अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, “ममता की पार्टी का असली चेहरा सामने आ गया। हम राम मंदिर मुद्दे पर जनता को जागरूक करेंगे।” BJP ने मुर्शिदाबाद में राम मंदिर निर्माण का भी ऐलान किया, जो कबीर के कदम का जवाब लगता है।
विश्लेषकों का मानना है कि AIMIM गठबंधन से TMC का मुस्लिम वोटबैंक बंट सकता है, खासकर मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों में। कांग्रेस ने भी कबीर को अपनी पार्टी में शामिल करने पर विचार किया, लेकिन कबीर ने कहा, “कांग्रेस की पकड़ कमजोर है, AIMIM मजबूत विकल्प है।” कबीर के समर्थक दावा कर रहे हैं कि यह गठबंधन ‘असली खेला’ होगा, जो BJP-TMC की जोड़ी को चुनौती देगा।
यह विकास 2026 चुनावों को त्रिकोणीय जंग बना सकता है। क्या कबीर का दांव सफल होगा? TMC ने अब तक चुप्पी साधी है, लेकिन ममता बनर्जी जल्द प्रतिक्रिया दे सकती हैं। बंगाल की सियासत अब और गरमाती जा रही है।
