पुतिन का शाही स्वागत: राष्ट्रपति भवन में मुर्मू का गर्मजोशी भरा वेलकम, PM मोदी समेत VIPs संग डिनर—मेन्यू में कश्मीरी वाजवान से रूसी बोरश्च तक
पुतिन का शाही स्वागत: राष्ट्रपति भवन में मुर्मू का गर्मजोशी भरा वेलकम, मोदी समेत VIPs संग डिनर—मेन्यू में कश्मीरी वाजवान से रूसी बोरश्च तक
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा का समापन राष्ट्रपति भवन में आयोजित शाही डिनर के साथ हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुतिन का हाथ थामकर गर्मजोशी से स्वागत किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य VIPs की मौजूदगी में यह आयोजन भारत-रूस दोस्ती का प्रतीक बन गया। त्रि-सेवा गार्ड ऑफ ऑनर के बाद पुतिन को 21 तोपों की सलामी दी गई। मुर्मू ने कहा, “पुतिन का व्यक्तिगत समर्पण हमारी विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करता है।” यह डिनर पुतिन की दो दिवसीय यात्रा का आखिरी बड़ा कार्यक्रम था, जहां 16 समझौतों पर हस्ताक्षर के बाद दोनों देशों ने व्यापार और ऊर्जा सहयोग को नई ऊंचाई दी।
शाम करीब 7 बजे राष्ट्रपति भवन पहुंचे पुतिन का स्वागत लाल कालीन और राष्ट्रीय धुनों से हुआ। मुर्मू ने प्रवेश द्वार पर हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया, जबकि मोदी ने गर्मजोशी भरी मुस्कान के साथ बातचीत की। डिनर में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन और अन्य केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। कांग्रेस सांसद शशि थरूर को भी न्योता मिला, लेकिन LoP राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को न बुलाने पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस ने इसे ‘प्रोटोकॉल का उल्लंघन’ बताया, जबकि थरूर ने कहा, “विदेश मामलों की समिति के चेयरमैन के नाते जाना मेरा फर्ज है।”

डिनर का मेन्यू भारत की मेहमाननवाजी और रूस की सांस्कृतिक विरासत का शानदार मेल था। कश्मीरी वाजवान से शुरू होकर रूसी बोरश्च तक, यह दावत दोनों देशों के स्वाद का संगम बनी। त्रि-सेवा बैंड ने ‘सारे जहां से अच्हा’ और ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ के साथ रूसी गीत भी बजाए। पुतिन ने डिनर के अंत में कहा, “भारतीय कहावत ‘साथ जाओ, साथ बढ़ो’ हमारी दोस्ती को बखूबी दर्शाती है।” सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहे, और पुतिन रात 9 बजे मॉस्को लौट गए।
पुतिन की शाही दावत का मेन्यू: भारतीय-रूसी फ्यूजन
स्टार्टर्स: कश्मीरी वाजवान (गुलौटी कबाब, मुर्ग धनियावाला कोरमा), वॉटरमेलन क्रीम सूप, कमल ककड़ी और दाल कबाब।
मेन कोर्स: रूसी बोरश्च (बीट रूट सूप), रोस्टेड लैम्ब विद सैफ्रन एंड स्पाइसेस, सैल्मन फिलेट इन क्रीमी सॉस, हाक का साग (पालक जैसा), चिकन इन क्रीमी सॉस, मशरूम-पनीर सब्जी, काले चने के साथ बासमती राइस।
डेजर्ट: गुलाब खीर, चीजकेक, ताजे फल।
ड्रिंक्स: केसर वाला कश्मीरी कहवा, बादाम शोरबा।
यह डिनर न केवल कूटनीतिक सफलता का प्रतीक था, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी। यात्रा से भारत-रूस व्यापार 100 अरब डॉलर के लक्ष्य को पार करने की उम्मीद जगी है। क्या यह दौरा यूक्रेन संकट के बीच भारत की संतुलित कूटनीति को मजबूत करेगा? समय बताएगा।
