उत्तराखंड

देहरादून: एबीवीपी के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में धूम – शोभायात्रा में सीएम धामी ने किया स्वागत, समानांतर सत्रों में चर्चा

देहरादून: एबीवीपी के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में धूम – शोभायात्रा में सीएम धामी ने किया स्वागत, समानांतर सत्रों में चर्चा

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का 71वां राष्ट्रीय अधिवेशन जोर-शोर से चल रहा है। 28 नवंबर से शुरू हुए इस तीन दिवसीय आयोजन के दूसरे दिन शनिवार को परेड ग्राउंड से दर्शनलाल चौक तक करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी भव्य शोभायात्रा निकाली गई। देश के सभी राज्यों से आए 1500 से अधिक प्रतिनिधियों ने इसमें हिस्सा लिया, जो युवा शक्ति और छात्र आंदोलन के संकल्प के साथ आगे बढ़े।

शोभायात्रा के दौरान रूट पर कई जगहों पर स्थानीय लोगों ने प्रतिनिधियों का फूल मालाओं और तालियों से स्वागत किया। गांधी पार्क के निकट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विशेष रूप से पहुंचकर एबीवीपी प्रतिनिधियों पर पुष्प वर्षा की। सीएम धामी गमछा लहराते हुए दिखे और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “एबीवीपी जैसे संगठन छात्रों को राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देते हैं। उत्तराखंड में पहली बार हो रहे इस अधिवेशन से देवभूमि की युवा ऊर्जा नई ऊंचाइयों को छुएगी।” धामी ने अधिवेशन के थीम ‘छात्र शक्ति राष्ट्र शक्ति’ पर जोर देते हुए कहा कि यह आयोजन शिक्षा, समाज और राष्ट्रीय मुद्दों पर गहन चिंतन का मंच बनेगा।

अधिवेशन के दूसरे दिन की शुरुआत ‘शिक्षा की भारतीय संकल्पना- वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य एवं हमारी भूमिका’ विषय पर मुख्य सत्र से हुई। एबीवीपी के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राजशरण शाही ने प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “भारतीय शिक्षा प्रणाली में राष्ट्रीय मूल्यों का समावेश जरूरी है। युवा ही इस बदलाव के वाहक होंगे।” शाही ने वर्तमान चुनौतियों जैसे डिजिटल डिवाइड और गुणवत्ता शिक्षा पर प्रकाश डाला।

इसके बाद पांच समानांतर सत्रों में विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई:

वैश्विक Gen-Z आंदोलन एवं भारतीय युवा: युवाओं की वैश्विक भूमिका और भारत की सांस्कृतिक पहचान पर फोकस।

AI चैट जीपीटी एवं शिक्षा: कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शैक्षिक प्रभाव और नैतिक चुनौतियों पर बहस।

बांग्लादेशी घुसपैठ एवं SIR समसामयिक: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और घुसपैठ के राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर।

जनसंख्या असंतुलन एवं विकसित भारत का लक्ष्य: 2047 के विकसित भारत के सपने में जनसंख्या नियंत्रण की भूमिका।

ऑपरेशन सिंदूर और बदलता सुरक्षा परिदृश्य: राष्ट्रीय सुरक्षा में युवाओं की भूमिका और हालिया अभियानों पर विश्लेषण।

ये सत्र प्रतिनिधियों को नई दिशा देने वाले साबित हुए, जहां युवा नेताओं ने प्रस्ताव पारित किए। अधिवेशन में एबीवीपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष राघुराज किशोर तिवारी और महासचिव वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने भी जिम्मेदारियां संभालीं।

आयोजन के समापन पर रविवार को परेड ग्राउंड में समारोह होगा, जहां मुख्यमंत्री धामी मुख्य अतिथि होंगे। एबीवीपी ने कहा कि यह अधिवेशन युवाओं को सशक्त बनाने का मील का पत्थर साबित होगा। क्या आप भी इस अधिवेशन से प्रेरित हुए? कमेंट में बताएं!

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