कानपुर देहात में अखिलेश का तीखा प्रहार: ‘SIR के बहाने BJP छीन लेगी आरक्षण-नौकरी, बाबा साहेब के अधिकारों पर हमला’
कानपुर देहात में अखिलेश का तीखा प्रहार: ‘SIR के बहाने BJP छीन लेगी आरक्षण-नौकरी, बाबा साहेब के अधिकारों पर हमला’
कानपुर देहात। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कानपुर देहात के भोगनीपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार तथा चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। पूर्व मुख्यमंत्री ने विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान को ‘बड़ी साजिश’ करार देते हुए आरोप लगाया कि इसका असली मकसद आरक्षण, नौकरियां और गरीबों-पिछड़ों के संवैधानिक अधिकार छीनना है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को दिए गए अधिकारों को बचाने की अपील की, जो ‘उपनिवेश काल से भी बदतर स्थिति’ पैदा करने की कोशिश के रूप में खतरे में हैं।
भोगनीपुर के महेंद्र सिंह स्टेडियम में हजारों समर्थकों की उपस्थिति में हुई इस सभा में अखिलेश ने कहा, “SIR के बहाने ये लोग आरक्षण, नौकरी और आपके अधिकार छीन लेंगे। बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को जो हक दिया था, उसे भाजपा और उसके सहयोगी अब चुपके से खत्म करने की तैयारी में हैं।” उन्होंने दावा किया कि SIR के जरिए वोटर लिस्ट से समाजवादी पार्टी समर्थकों के नाम काटे जा रहे हैं, जो लोकतंत्र पर सीधा हमला है। “यह साजिश देश को उपनिवेश काल से भी बदतर हालात में धकेलने की है। भाजपा, उसके सहयोगी, राज्य सरकार और चुनाव आयोग के कुछ भ्रष्ट अधिकारी मिलकर पूरे निर्वाचन तंत्र पर कब्जा जमाना चाहते हैं,” अखिलेश ने जोर देकर कहा।
अखिलेश ने BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) की मौतों का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि यूपी में BLO की मौत पर समाजवादी पार्टी उनके परिवार को 2 लाख रुपये दे रही है, लेकिन चुनाव आयोग को सरकारी नौकरी और 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना चाहिए। “चुनाव आयोग जो इनसे काम ले रहा था, वह जिम्मेदार है। ये लोग SIR के दबाव में आत्महत्या को मजबूर हो रहे हैं,” उन्होंने कहा। सभा में उन्होंने शत-प्रतिशत SIR फॉर्म भरने और 100% मतदान की अपील की, ताकि साजिश नाकाम हो।
यह बयान बिहार चुनाव 2025 के परिणामों के बाद आया है, जहां अखिलेश ने SIR को महागठबंधन की हार का जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा कि बिहार में SIR ने जो ‘खेल’ खेला, वह अब पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, यूपी और अन्य राज्यों में नहीं होगा। “हमारा ‘पीडीए प्रहरी’ (PPTV) भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा।” विपक्षी एकता पर जोर देते हुए अखिलेश ने कहा, “हम सबको एकजुट होकर भाजपा की लूट और वोट की पहचान बचानी होगी।”
भाजपा ने पलटवार किया। राज्य प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने अखिलेश पर ‘भ्रम फैलाने’ का आरोप लगाते हुए कहा, “SP प्रमुख SIR को बदनाम कर जनता में डर पैदा कर रहे हैं। यह अभियान वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाने के लिए है।” सपा समर्थकों में उत्साह का दौर है, जबकि राजनीतिक विश्लेषक इसे 2027 यूपी चुनाव से पहले विपक्ष की रणनीति बता रहे हैं। अखिलेश का यह हमला दलित-मुस्लिम-पिछड़ा गठजोड़ को मजबूत करने का प्रयास लगता है, जहां SIR को आरक्षण विरोधी हथियार के रूप में पेश किया जा रहा है। कुल मिलाकर, भोगनीपुर की यह सभा सियासी तापमान को और गर्म कर गई है।
