दिल्ली-NCR में जहरीली हवा का संकट: राहुल गांधी ने संसद में बहस और सख्त एक्शन प्लान की मांग की, बोले- ‘मोदी जी चुप क्यों हैं?’
दिल्ली-NCR में जहरीली हवा का संकट: राहुल गांधी ने संसद में बहस और सख्त एक्शन प्लान की मांग की, बोले- ‘मोदी जी चुप क्यों हैं?’
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों की दहलीज पर पहुंचते ही वायु प्रदूषण ने फिर से हेल्थ इमरजेंसी का रूप ले लिया है। AQI 400 के पार पहुंच चुका है, और बच्चे-बुजुर्ग सांस की तकलीफ से जूझ रहे हैं। इसी बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए संसद के शीतकालीन सत्र में प्रदूषण पर विस्तृत चर्चा की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा सवाल किया, “भारत के बच्चे दम घुट रहे हैं, आप चुप कैसे रह सकते हैं?” साथ ही, एक सख्त और तुरंत लागू होने वाले एक्शन प्लान बनाने की अपील की। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां राहुल ने दिल्ली की साहसी माताओं से मुलाकात का वीडियो भी शेयर किया।
राहुल गांधी ने X (पूर्व ट्विटर) पर एक 8 मिनट 37 सेकंड का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वे प्रदूषण के खिलाफ संघर्षरत माताओं से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में एक मां कहती हैं, “हमारा बच्चा जहरीली हवा में सांस लेते हुए बड़ा हो रहा है।” राहुल ने सहानुभूति जताते हुए कहा, “बच्चों का दर्द मांओं के दिल में सबसे गहरी चोट की तरह उतरता है। दिल्ली की ये साहसी मांएं न सिर्फ अपने, बल्कि पूरे देश के बच्चों के भविष्य को लेकर डरी हुई हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि जहरीली हवा से छोटे-छोटे बच्चे फेफड़ों, दिल और मानसिक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। राहुल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “मोदी जी, आपकी सरकार प्रदूषण रोकने के लिए न तो कोई तुरंत कार्रवाई कर रही है, न कोई योजना या जवाबदेही दिखा रही है। कुछ शक्तिशाली हितधारक प्रदूषण से फायदा उठा रहे हैं, इसलिए समस्या बनी हुई है।”
राहुल की मांग साफ है – 1 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में वायु प्रदूषण पर तत्काल और विस्तृत बहस होनी चाहिए। उन्होंने इसे “हेल्थ इमरजेंसी” करार देते हुए कहा, “देश को साफ हवा चाहिए, बहाने और ध्यान भटकाने वाली चीजें नहीं। एक सख्त, लागू करने लायक एक्शन प्लान बनना जरूरी है।” कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि दिल्ली में अमीर-गरीब सभी प्रभावित हैं, लेकिन आम नागरिक संगठित नहीं हैं, इसलिए उनकी आवाज राजनीतिक असर नहीं डाल पाती। राहुल ने संसद में बहस का समर्थन किया और कहा कि वे खुद भी इसी हवा में सांस लेते हैं।
इस बीच, दिल्ली सरकार ने भी प्रदूषण पर कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और दैनिक उपाय कर रही है। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत स्टेज-3 की पाबंदियां हटा ली गईं, क्योंकि AQI में हल्का सुधार हुआ। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है, जहां CJI सूर्यकांत ने सोमवार से नियमित सुनवाई का आदेश दिया। दिल्ली में 11 नवंबर से GRAP-3 लागू था, जिसमें BS-3 चार पहिया वाहनों पर रोक थी। CPCB के अनुसार, 28 नवंबर सुबह 8 बजे AQI 384 था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। 19 राज्यों के 60% जिलों में प्रदूषण मानक से ऊपर है।
कांग्रेस की ओर से यह मांग विपक्ष की रणनीति का हिस्सा लग रही है। 30 नवंबर को सोनिया गांधी के आवास पर विंटर सेशन की रणनीति पर बैठक है। राहुल का यह बयान मोदी सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास है, जहां उन्होंने कहा, “हमारे बच्चे स्वच्छ हवा के हकदार हैं।” विपक्ष के अन्य नेता भी प्रदूषण पर सरकार को घेर रहे हैं। कुल मिलाकर, दिल्ली की जहरीली हवा अब राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है, और संसद सत्र में यह जोर पकड़ सकता है। क्या सरकार एक्शन प्लान लाएगी? इंतजार की नजर सबकी सत्र पर।
