इमरान खान जिंदा हैं या मर चुके? अफवाहों का तूफान क्यों, जानिए पूरा मामला
इमरान खान जिंदा हैं या मर चुके? अफवाहों का तूफान क्यों, जानिए पूरा मामला
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में रहस्यमयी मौत की अफवाहें सोशल मीडिया पर तूफान की तरह फैल गई हैं। अफगानिस्तान-आधारित मीडिया हैंडल ‘अफगान टाइम्स’ ने दावा किया कि रावलपिंडी की अदीाला जेल में इमरान को पाकिस्तानी सेना ने हत्या कर दी। इससे #ImranKhan ट्रेंड करने लगा, और हजारों समर्थक जेल के बाहर जमा हो गए। लेकिन सच्चाई यह है कि इमरान जिंदा हैं – यह सिर्फ अफवाह है, जो उनकी बहनों पर पुलिस की कथित मारपीट और एक महीने से मिलने पर रोक के बाद भड़की। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इसे “राजनीतिक साजिश” बताया है।
अफवाह की शुरुआत मंगलवार रात हुई, जब सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट्स में दावा किया गया कि इमरान को ISI चीफ आसिम मुनीर के इशारे पर “टॉर्चर” के बाद मार दिया गया। बालूचिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी इसे दोहराया, लेकिन कोई सबूत नहीं दिया। एक वीडियो में इमरान को स्ट्रेचर पर ले जाते दिखाया गया, जो पुराना या फर्जी साबित हुआ। PTI समर्थकों ने जेल के बाहर धरना दिया, जहां इमरान की बहनें नूरीन नियाज़ी, अलीमा खान और उज़मा खान पहुंचीं। उन्होंने कहा, “हमें एक महीने से भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा। क्या वह जिंदा हैं?” पुलिस ने उन्हें धक्का देकर भगाया, जिससे हंगामा मच गया।
यह पहली बार नहीं। मई 2025 में भी ऐसी ही अफवाहें फैली थीं, जब पाकिस्तान सरकार ने उन्हें “फेक न्यूज” करार दिया। इमरान 2023 से अदीला जेल में बंद हैं – टॉटका मामले में सजा काट रहे हैं। PTI का आरोप है कि उन्हें सोलिटरी कंफाइनमेंट में रखा गया है, किताबें-वकील तक नहीं मिलते। खैबर-पختूनख्वा के सीएम सोहेल अफरीदी को सात बार मिलने से रोका गया। PTI ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की मांग की है।
पाकिस्तानी सरकार ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इमरान मेडिकल चेकअप के लिए ले जाए गए थे। PTI कार्यकर्ताओं ने कहा, “यह अफवाहें फैलाकर हमें दबाने की कोशिश है।” सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे “मिलिट्री की साजिश” बताया, जबकि अन्य ने सवाल उठाया – “इमरान कहां हैं?” X पर पोस्ट्स में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के हैंडल्स ने इसे हवा दी।
विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान की अस्थिर राजनीति और सेना का दखल इन अफवाहों को हवा देता है। इमरान की लोकप्रियता अभी भी बरकरार है, और PTI चुनावों की तैयारी कर रही है। फिलहाल, कोई पुष्टि नहीं – लेकिन जिंदा होने की खबरें अफवाहों से ज्यादा मजबूत हैं। PTI ने “प्रूफ ऑफ लाइफ” की मांग की है। यह मामला पाकिस्तान की जेल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
