दिल्ली के बाद मुंबई में भी खेल बिगड़ा: AQI 256 तक पहुंचा, सांस लेना बना मुश्किल!
दिल्ली के बाद मुंबई में भी खेल बिगड़ा: AQI 256 तक पहुंचा, सांस लेना बना मुश्किल!
दिल्ली की तरह ही अब मुंबई में भी प्रदूषण का कहर टूट पड़ा है। राष्ट्रीय राजधानी में AQI 373 के ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच चुका है, वहीं मुंबई का AQI सुबह 256 तक उछल गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आ गया। धुंध और धुंधले आसमान ने शहर को घेर लिया है, जिससे सांस लेना दूभर हो गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सर्दियों का शुरुआती संकट है, जो सास-बहू की तरह घर-घर में घुस रहा है – सांसों पर चढ़ गया।
मुंबई में मंगलवार सुबह से ही हल्की धुंध छाई रही, लेकिन बुधवार को हालात बिगड़ गए। सैफई एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के अनुसार, शहर का औसत AQI 221 से बढ़कर 256 हो गया। पीएम2.5 का स्तर 145 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर और पीएम10 189 तक पहुंचा। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके मझगांव (AQI 252), चाकाला (अंधेरी ईस्ट, 255), बोरीवली ईस्ट (219), कोलाबा (216) और पवई (221) रहे। विजिबिलिटी घटकर 10 किलोमीटर से नीचे आ गई, जबकि तापमान 26-29 डिग्री के बीच रहा। हवा की गति कम होने से प्रदूषक जमीन के करीब फंस गए।
दिल्ली में हालात और भी खराब हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सुबह 7 बजे AQI 373 था, जो ‘गंभीर’ कैटेगरी में है। आनंद विहार, वजीरपुर जैसे हॉटस्पॉट्स में 400 पार हो गया। पीएम 2.5 का स्तर 269 तक पहुंचा, जो WHO के मानक से कई गुना ज्यादा है। GRAP-4 के तहत स्कूल बंद, निर्माण कार्य रुके, लेकिन राहत नहीं मिली। IMD ने अगले 7 दिनों में बारिश न होने की चेतावनी दी है, जिससे धुंध बनी रहेगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, मुंबई में प्रदूषण का मुख्य कारण वाहनों का धुआं, निर्माण धूल और पड़ोसी राज्यों से आने वाली हवा है। डॉ. अतुल पटेल, छाती रोग विशेषज्ञ ने कहा, “AQI 200 से ऊपर होने पर अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और हृदय रोगियों को खतरा। बच्चे, बुजुर्ग घर से बाहर न निकलें। N95 मास्क पहनें, AC के साथ HEPA फिल्टर यूज करें।” BMC ने सलाह दी कि आउटडोर एक्टिविटी कम करें, पेड़ लगाएं।
सरकार ने क्लाउड सीडिंग और आर्टिफिशियल रेन पर विचार किया है। फिलहाल, दोनों शहरों में सांसों पर संकट गहरा गया – सासों को भी अब मास्क लगाने पड़ेंगे!
