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अयोध्या राम मंदिर ध्वजारोहण: पीएम मोदी ने कहा, ‘सदियों के घाव भर रहे हैं, यह सनातन की पुनरुत्थान का प्रतीक’

अयोध्या राम मंदिर ध्वजारोहण: पीएम मोदी ने कहा, ‘सदियों के घाव भर रहे हैं, यह सनातन की पुनरुत्थान का प्रतीक’

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा धर्मध्वज लहराने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हृदयस्पर्शी संबोधन दिया। अभिजीत मुहूर्त में ध्वजारोहण के बाद मंदिर परिसर में सैकड़ों भक्तों को संबोधित करते हुए पीएम ने इसे सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह क्षण सदियों के संघर्ष, तपस्या और आस्था का परिणाम है, जो भारत की सांस्कृतिक चेतना का नया मोड़ है।

पीएम मोदी के प्रमुख बयान:

सदियों के घाव भरना: “आज सदियों के घाव भर रहे हैं। यह एक सभ्यता का संकल्प है, जो 500 वर्षों से जीवित था। भगवान श्रीराम की दिव्य ऊर्जा अब इस धर्मध्वज के रूप में स्थापित हो गई है।” उन्होंने मंदिर निर्माण को 2014 से करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रतीक बताया, जो अब भव्य रूप ले चुका है।

धर्मध्वज का महत्व: “यह धर्मध्वज केवल ध्वज नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक है। भगवा रंग सूर्य का प्रतीक है, ‘ओम’ शब्द पवित्रता का, और कोविदार वृक्ष रघुवंश की महिमा का। यह ‘प्राण जाएं पर वचन न जाए’ की भावना को दर्शाता है—धर्म, अखंडता, सत्य, न्याय और राष्ट्र धर्म का प्रतीक।” पीएम ने कहा कि दूर से भी ध्वज के दर्शन करने वाले को मंदिर दर्शन का पुण्य मिलेगा।

राम के मूल्यों को अपनाना: “हमें भगवान राम से सीखना चाहिए। उनकी व्यक्तित्व को समझें, उनके व्यवहार को आत्मसात करें। सत्य, करुणा, समानता और सद्भाव के ये मूल्य हजारों वर्षों तक प्रचारित होंगे।” उन्होंने 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए ‘राम को जागृत’ करने की अपील की।

विश्व को धर्म देना: “हमें ऐसा भारत बनाना है जो विश्व को ‘धर्म’ दे। यह यज्ञ की पूर्णाहुति नहीं, बल्कि रामराज्य की शुरुआत है।” पीएम ने मंदिर को सत्य, दृढ़ता और सभ्यता के पुनरुत्थान का प्रकाशस्तंभ बताया।

यह संबोधन लगभग 15 मिनट चला, जिसमें पीएम ने रामभक्तों को राम के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, सीएम योगी आदित्यनाथ और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। पीएम ने अंत में भक्तों को आशीर्वाद दिया और कहा, “राम मय है भारत, राम मय है विश्व।” यह क्षण लाइव प्रसारण से करोड़ों लोगों तक पहुंचा, जो सनातन धर्म की विजय का संदेश दे रहा है।

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