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उत्तराखंड: कुंजापुरी में भीषण बस हादसा, 5 की मौत, 20+ घायल; SDRF का रेस्क्यू जारी

उत्तराखंड: कुंजापुरी में भीषण बस हादसा, 5 की मौत, 20+ घायल; SDRF का रेस्क्यू जारी

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में 24 नवंबर 2025 को दोपहर करीब 1 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गुजरात से कुंजापुरी मंदिर दर्शन के लिए जा रही 28-30 श्रद्धालुओं से भरी एक यात्री बस नरेंद्रनगर के अंतर्गत कुंजापुरी-हिंडोलाखाल मार्ग पर अनियंत्रित होकर 70-100 मीटर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक यात्री घायल हैं। घायलों में से 7 की हालत गंभीर बताई जा रही है। राहत-बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

हादसे का पूरा विवरण

स्थान और समय: हादसा टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर क्षेत्र में कुंजापुरी मंदिर के पास हिंडोलाखाल रोड पर हुआ। बस गुजरात से तीर्थयात्रियों को लेकर मंदिर पहुंच रही थी। तेज रफ्तार और सड़क पर अचानक मोड़ के कारण ड्राइवर का वाहन पर नियंत्रण खो गया, जिससे बस खाई में लुढ़क गई।

सवारियों की संख्या: बस में 28-35 यात्री सवार थे, ज्यादातर गुजरात के श्रद्धालु। मृतकों में भी गुजरात के लोग शामिल हैं।

प्रत्यक्षदर्शी खाते: राहगीरों ने बताया कि बस के गिरते ही चीख-पुकार मच गई। खाई की गहराई के कारण रेस्क्यू में चुनौतियां आ रही हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने X पर पोस्ट किया, “बस के परखच्चे बिखर गए, SDRF ने तुरंत पहुंचकर बचाव शुरू किया।”

राहत-बचाव कार्य: SDRF और प्रशासन की तैनाती

तुरंत कार्रवाई: हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को निकालकर ऋषिकेश के AIIMS और नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

चुनौतियां: खाई की गहराई और दुर्गम इलाका होने से रेस्क्यू धीमा है। जिला मजिस्ट्रेट (DM) और SSP की अगुवाई में ऑपरेशन चल रहा है। X पर SDRF ने अपडेट शेयर किया: “रेस्क्यू जारी, सभी घायलों को प्राथमिकता।”

प्रशासनिक सहायता: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर शोक जताया और मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि तथा घायलों को 50,000 रुपये की सहायता की घोषणा की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी संवेदना व्यक्त की।

हादसे के संभावित कारण और जांच

संभावित वजह: प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार, खराब मौसम (पहाड़ी इलाके में कोहरा) और सड़क की स्थिति को कारण बताया जा रहा है। बस की फिटनेस और ड्राइवर की लापरवाही की भी जांच चल रही है।

पिछले हादसे: उत्तराखंड में पहाड़ी सड़कों पर बस हादसे आम हैं। हाल ही में अल्मोड़ा (नवंबर 2024) में 36 मौतें हुईं थीं, जो सड़क सुरक्षा पर सवाल उठाते हैं।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

X (पूर्व ट्विटर) पर #TehriBusAccident और #KunjapuriAccident ट्रेंड कर रहा है। यूजर्स ने SDRF की तारीफ की, लेकिन सड़क सुरक्षा पर सवाल उठाए। एक पोस्ट में कहा गया, “पहाड़ी रास्तों पर सावधानी बरतें, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पहले।” हिंदुस्तान टाइम्स के पोस्ट को 200+ व्यूज मिले, जहां फोटोज शेयर की गईं।

मृतक

5 (गुजरात के श्रद्धालु)

घायल

20+ (7 गंभीर, AIIMS ऋषिकेश में भर्ती)

सवारियां

28-35

कारण

तेज रफ्तार/मोड़ पर अनियंत्रित

रेस्क्यू एजेंसी

SDRF, NDRF, पुलिस, DM टीम

सहायता

2 लाख (मृतक परिवार), 50,000 (घायल)

यह हादसा उत्तराखंड की तीर्थनगरीय सड़कों की सुरक्षा पर फिर से बहस छेड़ सकता है।

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