उत्तराखंड

चम्पावत में गीता धामी का दो दिवसीय जनसेवा अभियान: महिला सशक्तिकरण से बुजुर्ग सम्मान तक, संस्कृति और आत्मनिर्भरता को मिला नया बल

चम्पावत में गीता धामी का दो दिवसीय जनसेवा अभियान: महिला सशक्तिकरण से बुजुर्ग सम्मान तक, संस्कृति और आत्मनिर्भरता को मिला नया बल

चम्पावत, 24 नवंबर 2025: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की धर्मपत्नी एवं सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने चम्पावत जिले के बनबसा और बमनपुरी में दो अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और वरिष्ठजनों के सम्मान की नई मिसाल पेश की। दोनों कार्यक्रमों में ग्रामीण महिलाओं और बुजुर्गों से आत्मीय संवाद, उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान और सांस्कृतिक मूल्यों को संजोने का संदेश प्रमुख रहा।

सोमवार को सबसे पहले बनबसा के एनएचपीसी सभागार में  गीता धामी ने उन्नति महिला संकुल संघ के तहत गठित सीएलएफ (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) की महिलाओं से संवाद किया। इस एक दिवसीय जेंडर संवेदीकरण कार्यशाला में 26 ग्राम संगठनों से जुड़े 126 स्वयं सहायता समूहों की 1200 से अधिक महिलाएं शामिल हुईं। ये महिलाएं ग्रामोत्थान परियोजना एवं एनआरएलएम चम्पावत के साथ सक्रिय हैं। श्रीमती धामी ने सरिता देवी (नमकीन उद्यम), शांति देवी (डेयरी उत्पाद), पूजा (ब्यूटी पार्लर), कंचन (बैंक सखी) जैसी कई महिलाओं के सफलता के किस्से सुने और उनकी हौसला-अफजाई की।

महिलाओं को संबोधित करते हुए धामी ने कहा, “आज आप केवल समूह की सदस्य नहीं, बल्कि परिवर्तन की वाहक हैं। घूंघट से निकलकर आत्मनिर्भरता की राह पर चल पड़ी हैं। आप पारम्परिक धरोहर को संजोते हुए अपने उत्पाद देश-विदेश तक पहुंचा रही हैं। यही शक्ति समाज को नई दिशा देती है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में महिलाओं की निर्णायक भूमिका पर जोर दिया और कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में आयायोजित ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव’ ने महिलाओं में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भरा है।

उन्होंने सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन की भावी योजनाओं की घोषणा करते हुए कहा कि चम्पावत के सभी मंडलों में स्वास्थ्य शिविर, कौशल विकास कार्यक्रम, नशामुक्ति अभियान और जनसेवा की पहलें और विस्तार के साथ जारी रहेंगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित महिलाओं को सम्मान स्वरूप उपहार भेंट किए गए। इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोरा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी एस खाती, एपीडी विम्मी जोशी, मास्टर ट्रेनर नीलू चंद सहित बड़ी संख्या में महिला समूहों की सदस्याएं मौजूद रहीं।

दूसरे चरण में  गीता धामी बमनपुरी पहुंचीं, जहां उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों, ग्रामीणों और कृष्ट आश्रम के निवासियों से आत्मीय मुलाकात की। दर्जा मंत्री श्याम नारायण पांडे ने उनका स्वागत किया और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों के लिए आभार जताया। ग्राम प्रधान वैशाली राणा और महिला मंगल दल की सदस्य राखी ने गाँव में कच्ची शराब बंद होने, बाड़ सुरक्षा हेतु बंदा निर्माण और सड़क बनाने के लिए धन्यवाद दिया।

श्रीमती धामी ने बुजुर्गों के साथ बैठकर उनके स्वास्थ्य, आजीविका और मूलभूत सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा, “हमारी संस्कृति वरिष्ठजनों और महिलाओं के सम्मान से ही जीवित और संरक्षित रहती है।” इसके बाद कृष्ट आश्रम का भ्रमण किया और वहां रह रहे देव राम (85), शंकर लाल (70), पार्वती देवी (61) सहित अन्य निवासियों से उनकी समस्याएं जानीं। आश्रम प्रबंधक बेंसन चौहान से बातचीत में उन्होंने आश्रम की छत की मरम्मत और रोगियों की नियमित जांच के लिए वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सभी निवासियों को फल और आवश्यक सामग्री भेंट की गई।

दोनों कार्यक्रमों में गीता धामी का एक ही संदेश गूंजता रहा – ग्रामीण महिलाएं और बुजुर्ग ही हमारी सांस्कृतिक धरोहर के असली संरक्षक हैं। उनके सशक्तिकरण और सम्मान से ही उत्तराखंड नई ऊंचाइयों को छू सकता है। इन आयोजनों ने एक बार फिर साबित किया कि सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन चम्पावत में जनसेवा और महिला-वरिष्ठजन कल्याण के क्षेत्र में लगातार सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभा रहा है.

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