राजनीति

झारखंड मंत्री इरफान अंसारी का विवादित बयान: SIR को लेकर BLO पर निशाना

झारखंड मंत्री इरफान अंसारी का विवादित बयान: SIR को लेकर BLO पर निशाना

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. इरफान अंसारी ने 23 नवंबर 2025 को जामताड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर विवादित बयान दिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) वोटर लिस्ट से नाम काटने के लिए घर आएं, तो उन्हें घर में बंद कर ताला लगा दें। अंसारी ने कहा, “BLO आपके घर आए तो उसे बंद कर के ताला लगा दें… मैं आकर खुद खोलूंगा।” यह बयान वोटर लिस्ट की सफाई को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आया, जहां विपक्ष SIR को अल्पसंख्यक, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के नाम काटने की साजिश बता रहा है।

बयान का पूरा संदर्भ

कार्यक्रम का बैकग्राउंड: अंसारी सेवा के अधिकार सप्ताह के दौरान जामताड़ा में सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने SIR को BJP की साजिश बताते हुए कहा कि बिहार और बंगाल में इसका इस्तेमाल वोटरों को हतोत्साहित करने के लिए किया गया। “अभी बंगाल में SIR लागू किया जा रहा है, फिर झारखंड में किया जाएगा। आप किसी भी कीमत पर BLO को अपना नाम मत काटने दीजिएगा,” उन्होंने जोर देकर कहा।

पूर्ण उद्धरण: “अगर आपके पास कोई नाम पूछने के लिए आए या फिर काटने के लिए आए, ऐसे पदाधिकारियों को घर में बंद कर लें और गेट में ताला लगा दें।” अंसारी ने यह भी दावा किया कि BJP आदिवासी, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वोटरों को निशाना बना रही है।

यह बयान SIR की प्रक्रिया के खिलाफ JMM-कांग्रेस गठबंधन की रणनीति का हिस्सा लगता है, जो इसे “जबरदस्ती लागू” करने पर आंदोलन की धमकी दे चुका है। अंसारी ने पहले भी कहा था कि अगर SIR जबरन लागू हुआ, तो वे राहुल गांधी से अनुरोध करेंगे कि कांग्रेस उस राज्य में चुनाव न लड़े।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

BJP का पलटवार: BJP ने बयान को “गैर-जिम्मेदाराना” और “लोकतांत्रिक मर्यादाओं का अपमान” बताया। प्रवक्ता प्रतुलनाथ शाहदेव ने कहा, “मंत्री केवल सुर्खियों में रहने के लिए अनाप-शनाप बयान देते हैं।” सांसद निशिकांत दुबे ने इसे “जनता को गुमराह करने की कोशिश” करार दिया और BLO जैसे जमीनी अधिकारियों को बांधने की बात को प्रशासनिक व्यवस्था पर हमला बताया।

अन्य प्रतिक्रियाएं: जिला BJP अध्यक्ष सुमित शरण ने अंसारी पर तंज कसा कि वे “सिर्फ बयानबाजी से सुर्खियां बटोरते हैं।” विपक्ष ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है, जबकि सत्ता पक्ष इसे “लोगों को जागरूक करने” का प्रयास बता रहा है।

X (पूर्व ट्विटर) पर बहस: सोशल मीडिया पर BJP समर्थक अंसारी के बयान को “भड़काऊ” बता रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स SIR के दबाव में BLOs की परेशानी पर चर्चा कर रहे हैं। एक पोस्ट में कहा गया, “BLO सैनिकों से ज्यादा परेशान हैं, लेकिन ये प्रक्रिया जरूरी है।”

SIR प्रक्रिया का संक्षिप्त विवरण

SIR चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट को अपडेट करने की विशेष अभियान है, जो बंगाल, बिहार और अब झारखंड जैसे राज्यों में चल रही है। इसका उद्देश्य फर्जी वोटरों को हटाना है, लेकिन विपक्ष इसे “वोट बैंक इंजीनियरिंग” का हथियार बता रहा है। BLOs घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं, जिससे कुछ जगहों पर तनाव की खबरें आई हैं।

अंसारी के पिछले विवादित बयानों (जैसे योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी या सीता सोरेन पर) को देखते हुए, यह बयान Jharkhand विधानसभा चुनावों से पहले सियासत को और गर्म कर सकता है। चुनाव आयोग ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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