ट्रंप के ‘पीस प्लान’ पर रूसी राष्ट्रपति का रिएक्शन: पुतिन ने कहा, “यह अंतिम शांति समझौते का आधार बन सकता है”
ट्रंप के ‘पीस प्लान’ पर रूसी राष्ट्रपति का रिएक्शन: पुतिन ने कहा, “यह अंतिम शांति समझौते का आधार बन सकता है”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 28-सूत्री यूक्रेन शांति योजना (पीस प्लान) पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। 21 नवंबर 2025 को मॉस्को में सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान पुतिन ने कहा कि यह योजना “अंतिम शांति समझौते का आधार बन सकती है”। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि योजना पर रूस के साथ “गंभीर चर्चा” नहीं हुई है, और अगर यूक्रेन इसे स्वीकार नहीं करता, तो रूस अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। यह बयान ट्रंप के थैंक्सगिविंग (28 नवंबर) तक यूक्रेन को योजना स्वीकार करने की धमकी के ठीक बाद आया, जिसमें यूक्रेन को अपनी सेना आकार में 50% कटौती और रूस को क्रीमिया, डोनेट्स्क व लुहांस्क के हिस्से सौंपने जैसे कड़े प्रावधान हैं।
पुतिन का पूरा बयान: सकारात्मक लेकिन शर्तों के साथ
पुतिन ने योजना को “नई संस्करण” और “आधुनिकीकृत” बताया, जो अमेरिकी प्रशासन के माध्यम से रूस तक पहुंची है। उन्होंने कहा, “हम यूक्रेनियों से अपील करते हैं कि वे एक-दूसरे से लड़ना बंद करें” – जो शायद यूक्रेन की हालिया भ्रष्टाचार कांड का संदर्भ हो सकता है। पुतिन ने आगे कहा कि अगले सप्ताह की शांति वार्ताएं “बहुत कठिन” होंगी, और यूक्रेन की सहमति के बिना यह योजना आगे नहीं बढ़ सकती। रूस के निवेश राजदूत किरिल डिमित्रिएव ने X पर लिखा कि यह योजना “यूक्रेन को और भूमि व जानें खोने से बचाने” के लिए है।
ट्रंप ने योजना को “रूस के लंबे समय से चली आ रही मांगों” के अनुरूप बताया, जिसमें यूक्रेन को रूस के कब्जे वाले क्षेत्र सौंपने और नाटो सदस्यता पर रोक शामिल है। पुतिन ने इसे स्वीकार करने की इच्छा जताई, लेकिन रूस की “डिनाजिफिकेशन” (नाजीकरण हटाना) जैसी मांगों पर अड़े रहने का इशारा दिया।
यूक्रेन और यूरोप की प्रतिक्रिया: सतर्कता और विरोध
जेलेंस्की का बयान: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इसे “हमारी इतिहास का सबसे कठिन क्षण” बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को “गरिमा खोने या प्रमुख साझेदार (अमेरिका) खोने” के बीच चुनना पड़ रहा है। जेलेंस्की ने योजना को “यूक्रेन के लिए अस्वीकार्य” करार देते हुए काउंटर-प्रस्ताव तैयार करने की बात कही।
यूरोपीय संघ: EU की विदेश नीति प्रमुख काया कलास ने कहा कि “रूस का यूक्रेन पर आक्रमण यूरोप के लिए अस्तित्व का खतरा है।” जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने जेलेंस्की को समर्थन का आश्वासन दिया, लेकिन योजना पर सतर्क प्रतिक्रिया दी।
योजना का विवरण: रूस को फायदा, यूक्रेन पर दबाव
ट्रंप की योजना में मुख्य प्रावधान:
यूक्रेन रूस को डोनबास के बाकी हिस्से, क्रीमिया और अन्य कब्जे वाले क्षेत्र सौंपे।
यूक्रेन की सेना का आकार 50% कम।
यूक्रेन को नाटो सदस्यता पर रोक, लेकिन सीमित सुरक्षा गारंटी।
रूस के फ्रीज्ड $100 बिलियन एसेट्स यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए यूएस पर्यवेक्षण में यूज।
शांति के बाद यूरोपीय शांति सेना की तैनाती पर रोक।
यह योजना बैक-चैनल बातचीत (ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और रूसी राजदूत किरिल डिमित्रिएव के बीच) का नतीजा है। ट्रंप ने कहा, “जेलेंस्की को इसे स्वीकार करना ही होगा।”
आगे क्या? शांति वार्ताओं का भविष्य
पुतिन ने कहा कि अगर यूक्रेन योजना पर चर्चा नहीं करता, तो रूस “अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए शहरों पर कब्जा जारी रखेगा।” अगले सप्ताह अलास्का में ट्रंप-पुतिन शिखर सम्मेलन की संभावना है, जहां योजना पर गहन बातचीत हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना रूस को मजबूत बनाएगी, लेकिन यूक्रेन के लिए “असंभव” है।
यह विकास यूक्रेन युद्ध (4 वर्ष पुराना) को नया मोड़ दे सकता है। अपडेट्स के लिए आधिकारिक स्रोत चेक करें।
