प्रदूषण के कारण दिल्ली-NCR में GRAP-III में लागू हुई स्टेज-4 की सख्ती: ऑफिस 50% WFH, मेट्रो बढ़ेगी, निर्माण बैन – AQI 360 पर ‘Very Poor’
प्रदूषण के कारण दिल्ली-NCR में GRAP-III में लागू हुई स्टेज-4 की सख्ती: ऑफिस 50% WFH, मेट्रो बढ़ेगी, निर्माण बैन – AQI 360 पर ‘Very Poor’
दिल्ली-NCR में सर्दियों का जहरीला कोहरा फिर से कहर बरपा रहा है। 22 नवंबर 2025 को सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 360 (‘Very Poor’ कैटेगरी) पहुंच गया है। इससे पहले 11 नवंबर को GRAP-III लागू हो चुका था, लेकिन लगातार बिगड़ते हालातों के बीच कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 21 नवंबर को GRAP को रिवाइज कर दिया। अब GRAP-III के तहत ही स्टेज-4 की कई सख्तियां लागू हो गई हैं, ताकि प्रदूषण और न बिगड़े। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के बाद यह बदलाव आया, जो बच्चों और कमजोर वर्गों की सेहत पर फोकस करता है।
क्यों बिगड़ा हाल? AQI का ट्रेंड
वर्तमान स्थिति: दिल्ली का AQI 360 (Very Poor), जो 401-450 (Severe) के करीब है। इससे पहले 11 नवंबर को 11 स्टेशनों पर Severe दर्ज हुआ था।
कारण: पराली जलाना, वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य, इंडस्ट्री और मौसम की स्थिरता। NCR के गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में भी AQI 300+।
GRAP स्टेजेस:
स्टेज-1 (Poor: 201-300): बेसिक कदम।
स्टेज-2 (Very Poor: 301-400): सख्ती बढ़ी।
स्टेज-3 (Severe: 401-450): निर्माण बैन, स्कूल हाइब्रिड।
स्टेज-4 (Severe+: 450+): लॉकडाउन जैसी पाबंदियां। अब रिवाइज्ड GRAP में स्टेज-4 की सख्तियां स्टेज-3 में शिफ्ट हो गईं, और स्टेज-3 की स्टेज-2 में।
रिवाइज्ड GRAP-III में स्टेज-4 की नई सख्तियां: क्या-क्या बदला?
CAQM की 21 नवंबर की नोटिफिकेशन से GRAP को और स्ट्रिंगेंट बनाया गया। मुख्य बदलाव:
ऑफिस वर्किंग: दिल्ली-NCR सरकारें फैसला लेंगी कि पब्लिक, म्यूनिसिपल और प्राइवेट ऑफिस 50% स्टाफ के साथ चलें, बाकी WFH। सेंट्रल गवर्नमेंट भी NCR में स्टैगर्ड टाइमिंग लागू करेगी।
ट्रैफिक मैनेजमेंट: BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल LMV (4-व्हीलर) पर दिल्ली और NCR जिलों (गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर) में बैन। इमरजेंसी वाहनों को छूट।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट बूस्ट: CNG/इलेक्ट्रिक बसें बढ़ाई जाएंगी, मेट्रो सर्विस फ्रीक्वेंसी ऊपर। ऑफ-पीक ट्रैवल पर डिफरेंशियल फेयर (कम रेट) – सुबह जल्दी या रात देर से यात्रा को प्रोत्साहन।
कंस्ट्रक्शन बैन: पूरे NCR में निर्माण और डेमोलिशन पर रोक (पहले से लागू, लेकिन अब सख्ती)।
स्कूल हाइब्रिड: क्लास 5 तक हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन+फिजिकल) – दिल्ली और NCR जिलों में। सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों की सेहत पर जोर दिया।
अन्य: पावर सप्लाई गारंटी (बिजली न कटे), स्पोर्ट्स इवेंट्स पोस्टपोन (नवंबर-दिसंबर के लिए), मीडिया अलर्ट्स (Do’s & Don’ts)।
NCR में स्टैगर्ड टाइमिंग: ट्रैफिक कम करने का प्लान
दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर में गवर्नमेंट/म्यूनिसिपल ऑफिसों के लिए स्टैगर्ड टाइमिंग (जैसे 9 AM से 5 PM या 10 AM से 6 PM)।
NCR स्टेट्स अन्य जिलों में भी लागू कर सकती हैं। प्राइवेट सेक्टर पर भी दबाव।
क्या होगा अगर AQI और बिगड़ा? आगे की तैयारी
अगर AQI 450+ पहुंचा, तो फुल स्टेज-4: ऑनलाइन क्लासेस, प्राइवेट वाहनों पर पूरी पाबंदी, इंडस्ट्री बंदी।
CAQM ने कहा, “यह रिवीजन प्रदूषण को रोकने के लिए प्रोएक्टिव स्टेप है।” सुप्रीम कोर्ट ने स्टेकहोल्डर्स से कंसल्टेशन की सलाह दी।
लॉन्ग-टर्म: CAQM ने पराली मैनेजमेंट, EV प्रमोशन और ग्रीन एनर्जी पर फोकस बढ़ाया।
आम लोगों के लिए टिप्स: घर पर कैसे बचें?
मास्क पहनें: N95 मास्क बाहर जाते समय।
इनडोर एक्सरसाइज: बाहर न घूमें, एयर प्यूरीफायर यूज करें।
डाइट: विटामिन C रिच फूड (संतरा, आंवला) – इम्यूनिटी बूस्ट।
ट्रैवल: कारपूल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट यूज करें।
AQI चेक: CPCB ऐप (Sameer) से रोज अपडेट लें।
यह बदलाव दिल्ली-NCR के 2.5 करोड़ लोगों की सेहत के लिए जरूरी हैं। अगर आप NCR में हैं, तो WFH या स्टैगर्ड शेड्यूल फॉलो करें। अपडेट्स के लिए CAQM वेबसाइट (caqm.nic.in) चेक करें। l
