राजनीति

बिहार जीत का मंत्र: अमित शाह का ऐलान- पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भी NDA सरकार, घुसपैठियों को बाहर निकालने का वादा

बिहार जीत का मंत्र: अमित शाह का ऐलान- पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भी NDA सरकार, घुसपैठियों को बाहर निकालने का वादा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की प्रचंड जीत को घुसपैठियों के खिलाफ जनादेश बताते हुए शुक्रवार को गुजरात के मोरबी में एक सभा को संबोधित किया। भाजपा के नवनिर्मित जिला मुख्यालय ‘श्री कमलम’ का उद्घाटन करने के बाद शाह ने कहा कि यह जीत न केवल NDA की ताकत का प्रमाण है, बल्कि विपक्ष की वोट बैंक राजनीति पर करारा प्रहार भी। उन्होंने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के आगामी विधानसभा चुनावों में भी NDA की जीत का ऐलान किया, जहां भाजपा सरकार बनाएगी।

शाह ने कहा, “बिहार में 2/3 बहुमत से NDA ने नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनाई है। जो NDA और भाजपा की ताकत कम होने की बात कर रहे थे, वे सुन लें। तमिलनाडु और बंगाल में भी भाजपा और NDA सरकार बनाएंगे।” उन्होंने बिहार की जीत को घुसपैठियों के खिलाफ जनमत का परिणाम बताया, जहां NDA ने 243 सीटों में से 200 से अधिक हासिल कीं। महागठबंधन (कांग्रेस, RJD आदि) को करारी शिकस्त मिली, जो शाह के मुताबिक विपक्ष की घुसपैठियों को समर्थन देने वाली नीति का नतीजा है।

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए शाह ने आरोप लगाया कि पार्टी अपनी वोट बैंक राजनीति के लिए घुसपैठियों का समर्थन करती है और उन्हें बचाती है। “घुसपैठियों को देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का कोई अधिकार नहीं। भाजपा का पक्का इरादा है कि कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक हर एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा।” उन्होंने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध करने पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और अन्य विपक्षी दलों को निशाना साधा।

शाह ने SIR को “मतदाता सूची का शुद्धिकरण” बताते हुए कहा कि यह प्रक्रिया देश और लोकतंत्र की रक्षा के लिए है। “कुछ पार्टियां SIR का विरोध कर रही हैं क्योंकि वे घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में रखना चाहती हैं। चुनाव आयोग की यह मुहिम पूरी तरह समर्थनीय है। बिहार चुनावों ने साबित कर दिया कि जनता घुसपैठियों का समर्थन करने वाली पार्टियों को कभी माफ नहीं करेगी।” TMC ने पश्चिम बंगाल में SIR को लाखों वैध वोटरों को अयोग्य ठहराने वाली साजिश बताया है, लेकिन शाह ने इसे खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष की यह रणनीति असफल हो जाएगी।

शाह का यह बयान गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले सियासी बिगुल बजाने जैसा है। मोरबी में BJP कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने BSF की 61वीं स्थापना दिवस पर भी भाषण दिया, जहां सीमा सुरक्षा, नक्सलवाद और ड्रग तस्करी पर जोर दिया। “BSF को दुनिया की सबसे आधुनिक और आक्रामक फोर्स बनाने का पांच साल का लक्ष्य है।” गुजरात BJP प्रमुख जगदीश विश्वकर्मा ने उद्घाटन को “मोरबी कार्यकर्ताओं का गौरव” बताया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शाह का यह ऐलान NDA की 2026 चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जहां SIR को राष्ट्रवादी मुद्दा बनाकर विपक्ष को घेरा जाएगा। बिहार जीत से उत्साहित BJP अब बंगाल (2026) और तमिलनाडु (2026) पर नजरें गाड़े है। लेकिन SIR पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई NDA के लिए चुनौती बन सकती है। क्या शाह का वादा साकार होगा? सियासी घमासान तेज हो चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *