पवन सिंह का दबदबा, डर से भोजपुरी स्टार्स ने नहीं की मदद: ज्योति सिंह का चुनाव हार पर नया आरोप
पवन सिंह का दबदबा, डर से भोजपुरी स्टार्स ने नहीं की मदद: ज्योति सिंह का चुनाव हार पर नया आरोप
भोजपुरी सिनेमा के ‘पावर स्टार’ पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने हालिया बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार झेली। काराकाट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतरीं ज्योति को सीपीआई(एमएल) के डॉक्टर अरुण कुमार से 2836 वोटों से शिकस्त मिली, जबकि वे तीसरे नंबर पर रहीं। हार के बाद ज्योति ने भोजपुरी इंडस्ट्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पवन सिंह के ‘दबदबे’ के डर से किसी ने भी उनका साथ नहीं दिया। एक यूट्यूबर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि जब उन्होंने इंडस्ट्री के बड़े नामों से मदद मांगी, तो सभी ने बहाने बना दिए।
ज्योति ने बताया, “मैंने कई लोगों को कॉल किया—कुछ गाने के लिए, कुछ प्रचार के लिए—लेकिन सबने कहा ‘मैं यहां नहीं हूं’ या ‘निकल गया हूं’। साफ पता चल गया कि ये बहाने हैं। वजह? पवन का इंडस्ट्री में इतना रुआब है कि कोई बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।” उन्होंने जोर देकर कहा, “ये डर की राजनीति है। इंडस्ट्री में रहकर कौन मेरे साथ खड़ा होगा? सब जानते हैं कि दबदबे का क्या असर होता है।” ज्योति का इशारा साफ था—पवन सिंह का प्रभाव इतना प्रबल है कि भोजपुरी के सितारे उनकी पत्नी की हार में चुप्पी साधे रहे।
यह आरोप पवन-ज्योति विवाद के बीच आया है, जो सालों से सुर्खियां बटोर रहा है। 2018 में शादी के बाद ज्योति ने कई बार पवन पर घरेलू हिंसा, संपत्ति बंटवारे की मांग और अन्य महिलाओं के साथ संबंधों के आरोप लगाए। सितंबर 2025 में उन्होंने सुसाइड की धमकी तक दी, लेकिन 11 दिनों में सुर बदल गए। अक्टूबर में लखनऊ के पवन के फ्लैट पर हंगामा मचा, जहां ज्योति पहुंचीं तो पुलिस ने उन्हें रोका। वायरल वीडियो में रोते हुए उन्होंने कहा, “पवन ने पुलिस बुलाई, मुझे धमकाया जा रहा है। अगर इंसाफ न मिला तो जहर खा लूंगी।” पवन ने इंस्टाग्राम पर जवाब दिया, “मेरी जनता भगवान है, ज्योति क्या ये सच नहीं कि आप मेरी सोसाइटी में…” लेकिन पूरा पोस्ट अधूरा रह गया।
भोजपुरी इंडस्ट्री में यह विवाद ने फूट डाला। खेसारी लाल यादव ने पवन के व्यवहार को ‘गलत’ बताया, जबकि अंजना सिंह ने उनका समर्थन किया—’तुम बदनाम करो, जहां तक औकात है’। ज्योति ने चुनाव से पहले भी सोशल मीडिया पर UPI QR कोड शेयर कर आर्थिक संकट की अपील की, जो बाद में डिलीट हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि पवन का स्टारडम राजनीति में असरदार है, लेकिन निजी विवादों ने ज्योति की उम्मीदवारी को कमजोर किया। बिहार चुनाव में अन्य भोजपुरी स्टार्स जैसे खेसारी लाल यादव और रितेश पांडेय भी हार गए, जो इंडस्ट्री की राजनीतिक महत्वाकांक्षा पर सवाल खड़े करता है।
ज्योति की यह हार न केवल व्यक्तिगत झटका है, बल्कि भोजपुरी सिनेमा की आंतरिक राजनीति को उजागर करती है। क्या पवन का ‘दबदबा’ इंडस्ट्री को खंडित कर रहा है? ज्योति ने कहा, “मैंने कोशिश की, लेकिन डर ने सब रोक दिया।” विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा, और फैंस नई मोड़ की प्रतीक्षा कर रहे हैं। क्या यह जोड़ा फिर पैच-अप करेगा या तलाक की राह पर बढ़ेगा? समय बताएगा।
