साबरमती जेल में ISKP आतंकी अहमद सईद पर कैदियों का हमला: रिसीन जहर से हमले की साजिश उजागर, आंख में चोट लगी
साबरमती जेल में ISKP आतंकी अहमद सईद पर कैदियों का हमला: रिसीन जहर से हमले की साजिश उजागर, आंख में चोट लगी
गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में हाई सिक्योरिटी सेल में बंद ISIS-कुर्दिस्तान प्रांत (ISKP) के आतंकी डॉ. अहमद सईद पर मंगलवार दोपहर तीन अन्य कैदियों ने अचानक हमला कर दिया। हमले में अहमद की आंख में गंभीर चोट लगी, और उसकी बुरी तरह पिटाई हुई। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर उसकी जान बचाई, लेकिन वह खून से लथपथ हो गया। गुजरात एटीएस ने जेल पहुंचकर जांच शुरू कर दी है, और हमलावर कैदियों पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है।
यह घटना दोपहर करीब 2 बजे हुई, जब अहमद अपनी सेल में अकेला था। हमलावर कैदी—जिनकी पहचान अभी गोपनीय रखी गई है—ने अचानक सेल में घुसकर मुक्कों और लातों से हमला बोला। जेल सूत्रों के अनुसार, हमला अहमद की कुख्यात साजिशों से भड़का। 9 नवंबर को गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद के आदलज से अहमद सहित तीन ISKP आतंकियों को गिरफ्तार किया था। अहमद एक फार्मासिस्ट था, जो रिसीन नामक घातक जहर (जो रिजिनस कम्युनिस पौधे से बनता है) से बड़े पैमाने पर लोगों को मारने की प्लानिंग कर रहा था। रिसीन इतना खतरनाक है कि मात्र 500 माइक्रोग्राम से मौत हो सकती है, और यह बिना स्वाद या गंध के मिलाया जा सकता है। एटीएस को उसके पास से जहर बनाने की सामग्री, हथियार और चरमपंथी साहित्य बरामद हुआ था।
अहमद की गिरफ्तारी के बाद तीनों आतंकी साबरमती जेल की हाई सिक्योरिटी सेल में बंद हैं। हमले के पीछे अन्य कैदियों का गुस्सा साफ दिखा—वे अहमद को ‘जहर का सौदागर’ कहकर कोस रहे थे। चोटिल अहमद को तुरंत सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसकी आंख की सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। जेल अधीक्षक ने कहा, “हमने हमलावरों को अलग सेल में शिफ्ट कर दिया है। जांच में साजिश का कोई सबूत नहीं मिला, लेकिन सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है।” एटीएस प्रमुख हिमांशु पटेल ने बताया कि अहमद अफगानिस्तान से जुड़ा था और भारत में कई शहरों में हमले की योजना बना रहा था।
यह घटना जेल सुरक्षा पर सवाल खड़ी कर रही है। साबरमती जेल, जहां महात्मा गांधी से लेकर कई उच्च-प्रोफाइल कैदी रखे जाते हैं, पहले भी विवादों में रही है। विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा, जबकि भाजपा ने इसे ‘आतंकवाद के खिलाफ जन-गुस्से’ का प्रतीक बताया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है, जहां कैदी चिल्ला रहे हैं, “ऐसे जहर फैलाने वालों को सबक सिखाना जरूरी है।” एटीएस ने अहमद के साथियों से पूछताछ तेज कर दी है, ताकि रिसीन साजिश के अन्य लिंक सामने आएं। कुल मिलाकर, यह हमला न केवल आतंकी को चेतावनी है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी जागृति का संदेश देता है।
