दिल्ली रेड फोर्ट ब्लास्ट: आरोपी शाहीन और मुजम्मिल की नई तस्वीरें सामने, उमर के धमाके से पहले के वीडियो में ‘सुसाइड बॉम्बिंग जायज’ का दावा
दिल्ली रेड फोर्ट ब्लास्ट: आरोपी शाहीन और मुजम्मिल की नई तस्वीरें सामने, उमर के धमाके से पहले के वीडियो में ‘सुसाइड बॉम्बिंग जायज’ का दावा
दिल्ली के रेड फोर्ट के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट मामले में नया खुलासा हुआ है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने दो मुख्य आरोपियों—शाहीन अहमद और मुजम्मिल शेख—की नई तस्वीरें जारी की हैं, जो फरीदाबाद के एक टेरर मॉड्यूल से जुड़े हैं। ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं, जहां दोनों को लंबी दाढ़ी और कुरता-पायजामा में देखा जा सकता है। साथ ही, मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी का धमाके से ठीक पहले रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे सुसाइड बॉम्बिंग को ‘शहादत का ऑपरेशन’ बताते हुए जायज ठहराते नजर आ रहे हैं। इस ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हुई थी और 20 से अधिक घायल हुए थे।
एनआईए की जांच में पता चला है कि शाहीन अहमद (25 वर्षीय इंजीनियर) और मुजम्मिल शेख (28 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल) फरीदाबाद के एक ‘व्हाइट कॉलर’ टेरर मॉड्यूल के अहम सदस्य थे। शाहीन को जयश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से जुड़े लिंक मिले हैं, जबकि मुजम्मिल ने ब्लास्ट के लिए वाहन और लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया था। नई तस्वीरों में शाहीन को एक मस्जिद के बाहर खड़े दिखाया गया है, जबकि मुजम्मिल की फोटो एक होस्टल रूम से रिकवर हुई। दोनों गिरफ्तार हो चुके हैं और पूछताछ में खुलासा किया कि वे उमर के साथ मिलकर 26 जनवरी को रेड फोर्ट पर हमला प्लान कर रहे थे। लेकिन मॉड्यूल बस्ट होने के डर से उमर ने ह्युंडई i20 कार में विस्फोटक भरकर ओल्ड दिल्ली की सड़क पर ही धमाका कर दिया।
उमर के 1 मिनट 20 सेकंड के वीडियो ने जांच एजेंसियों को झकझोर दिया है। वीडियो में उमर, जो पुलवामा का 28 वर्षीय डॉक्टर था, अंग्रेजी में बोलते हुए कहते हैं, “सुसाइड बॉम्बिंग का कॉन्सेप्ट बहुत मिसअंडरस्टूड है। यह शहादत का ऑपरेशन है, जो इस्लाम में जाना जाता है। जब कोई व्यक्ति किसी खास जगह और समय पर मौत को यकीन मान लेता है, तो वह प्राकृतिक मौत के खिलाफ जाता है।” वे आगे कहते हैं कि इस्लाम में सुसाइड हराम है, लेकिन ‘मार्टर्डम ऑपरेशन’ जायज है क्योंकि मौत का समय अल्लाह तय करता है। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह वीडियो दो महीने पहले रिकॉर्ड किया गया था, जिसे उमर ने साथियों को ब्रेनवॉश करने के लिए भेजा था। डीएनए टेस्ट से पुष्टि हुई कि कार में उमर ही था।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां यूजर्स इसे ‘रैडिकलाइजेशन का खतरनाक उदाहरण’ बता रहे हैं। एक्स पर #DelhiBlastVideo ट्रेंड कर रहा है। एनआईए ने बताया कि मॉड्यूल में ज्यादातर हाईली एजुकेटेड प्रोफेशनल्स थे, जो जेईएम और पाकिस्तान आईएसआई के इशारे पर काम कर रहे थे। प्लान में ड्रोन से रॉकेट हमला भी शामिल था। सोमवार को एनआईए ने एक और आरोपी जासिर बिलाल वानी को गिरफ्तार किया, जो कश्मीर का रहने वाला है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और एनआईए संयुक्त जांच कर रही हैं।
यह घटना भारत में टेरर मॉड्यूल्स की नई रणनीति को उजागर करती है, जहां एजुकेटेड यूथ को टारगेट किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट मीटिंग में इसे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा’ बताया। विपक्ष ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उमर के रिश्तेदारों ने उसे ‘शांत और अंतर्मुखी’ बताया, लेकिन हाल के महीनों में उसका बिहेवियर चेंज हो गया था। कुल मिलाकर, यह ब्लास्ट न केवल दिल्ली को हिला गया, बल्कि पूरे देश में सतर्कता बढ़ा दिया है। जांच जारी है, और ज्यादा गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
