लालू परिवार से रोहिणी नाराज? RJD हार के बाद फूट, विवाद में ये 3 मुख्य किरदार
लालू परिवार से रोहिणी नाराज? RJD हार के बाद फूट, विवाद में ये 3 मुख्य किरदार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की करारी हार ने लालू प्रसाद यादव के परिवार में भूचाल ला दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी को महज 25 सीटें मिलीं, जिसके बाद परिवार में खुली कलह शुरू हो गई। सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने शनिवार को सोशल मीडिया पर राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया। रोहिणी, जो 2022 में पिता को किडनी दान कर चर्चा में आईं थीं, ने तेजस्वी के करीबियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “मैंने भाई को त्याग दिया, मां-बाप और बहनों का साथ दूंगा।” यह विवाद अब सिर्फ पारिवारिक नहीं, बल्कि RJD की आंतरिक कमजोरी को भी उजागर कर रहा है।
रोहिणी की नाराजगी की जड़ चुनावी हार पर जिम्मेदारी तय न करना और किडनी दान पर छींटाकशी है। उन्होंने X पर पोस्ट कर बताया कि बहस के दौरान तेजस्वी ने उन्हें चप्पल से मारने की कोशिश की, जबकि सहयोगी संजय यादव और रमीज नेमत ने घर से निकालने की धमकी दी। रोहिणी ने तेजस्वी और पिता लालू को अनफॉलो भी कर लिया। इसके बाद लालू की तीन अन्य बेटियां—रागिनी, चंदा और राजलक्ष्मी—बच्चों समेत पटना के राबड़ी देवी आवास छोड़कर दिल्ली चली गईं, जिससे तनाव और गहरा गया।
विवाद के 3 मुख्य किरदार:
तेजस्वी यादव: रोहिणी ने सीधे भाई पर निशाना साधा, आरोप लगाया कि हार की जिम्मेदारी लेने से पीछे हटे और बहस में हिंसा की कोशिश की। तेजस्वी ने अब तक चुप्पी साध रखी है, लेकिन पार्टी सर्कल में इसे पावर बैलेंस का मुद्दा बताया जा रहा है।
संजय यादव: RJD के राज्यसभा सांसद और तेजस्वी के ‘रणनीतिक मस्तिष्क’। रोहिणी ने उन्हें ‘महिला अपमान’ का दोषी ठहराया, कहा कि वे हार के लिए जिम्मेदार हैं और परिवार से उन्हें बाहर करने की साजिश रची।
रमीज नेमत: तेजस्वी के करीबी सलाहकार, जिन पर रोहिणी ने गाली-गलौज और दूरी बनाने का आरोप लगाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे चुनावी प्रबंधन में अहम भूमिका निभाते थे।
रॉबड़ी देवी के भाई साधु यादव ने विवाद पर भड़कते हुए कहा, “तेजस्वी ने अहंकार पाल लिया, किसने ऐसा संस्कार दिया?” वहीं, BJP ने तंज कसा, “जिस परिवार में बहू-बेटियों को चप्पल से पीटा जाता हो…” तेज प्रताप यादव, जो पहले ही बागी हो चुके हैं, ने भी हार पर तेजस्वी को ‘फेलस्वी’ कहा था। JDU नेता नीरज कुमार ने रोहिणी के आंसुओं को ‘महंगा’ बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कलह RJD को कमजोर करेगी, खासकर 2026 के उपचुनावों में। रोहिणी ने कहा, “मेरा आत्मसम्मान सबसे ऊपर है।” क्या परिवार एकजुट होगा? लालू परिवार की यह ‘फाइटर बेटी’ अब क्या कदम उठाएंगी, बिहार की सियासत पर नजरें टिकी हैं।
