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भारत-पाक क्रिकेटरों ने मैदान पर मिलाया हाथ: नो हैंडशेक विवाद को मिला भावनात्मक अंत?

भारत-पाक क्रिकेटरों ने मैदान पर मिलाया हाथ: नो हैंडशेक विवाद को मिला भावनात्मक अंत?

क्रिकेट के मैदान पर भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे ‘नो हैंडशेक’ विवाद को एक सकारात्मक मोड़ मिला है। श्रीलंका में चल रही महिला ब्लाइंड T20 वर्ल्ड कप के एक मैच में भारतीय और पाकिस्तानी महिला ब्लाइंड क्रिकेटरों ने न सिर्फ हाथ मिलाया, बल्कि खेल भावना की मिसाल कायम की। यह घटना एशिया कप 2025 में पुरुष टीमों के बीच हुए कड़वे विवाद के ठीक बाद आई है, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी टीम के साथ पोस्ट-मैच हैंडशेक से इनकार कर दिया था। क्या यह ‘हैंडशेक विवाद’ का अंत है? एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह एक सकारात्मक संकेत तो है, लेकिन पुरुष क्रिकेट में तनाव अभी बरकरार है।

मैच के दौरान भारत ने पाकिस्तान को 8 विकेट से हराया, लेकिन हार-जीत से ज्यादा चर्चा पोस्ट-मैच हैंडशेक की हुई। भारतीय कप्तान ने कहा, “क्रिकेट सीमाओं से परे है। हमने खेला, जीते और सम्मान दिया।” पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने भी इस जेस्चर की सराहना की, कहते हुए कि “राजनीति मैदान पर नहीं आनी चाहिए।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां फैंस ने इसे ‘यूनिटी इन स्पोर्ट्स’ का प्रतीक बताया।

याद रहे, सितंबर 2025 के एशिया कप में सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने पहलगाम आतंकी हमले के शिकार पीड़ितों के समर्थन में पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ न मिलाने का फैसला लिया था। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इसे ‘स्पोर्ट्समैनशिप के खिलाफ’ बताते हुए एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) में शिकायत दर्ज की। बीसीसीआई ने सफाई दी कि हैंडशेक कोई कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि सद्भावना का प्रतीक है। फिर 16 नवंबर को एशिया कप राइजिंग स्टार्स में इंडिया-ए और पाकिस्तान-ए के मैच में भी यही सिलसिला चला, जहां जितेश शर्मा ने टॉस पर ही हाथ न मिलाया।

लेकिन ब्लाइंड क्रिकेट की इस घटना ने उम्मीद जगाई है। क्रिकेट एनालिस्ट हरमिंदर सिंह ने कहा, “महिला और ब्लाइंड क्रिकेट हमें सिखाते हैं कि खेल मानवीय भावनाओं से ऊपर है। यह विवाद खत्म होने का संकेत हो सकता है, खासकर अगर ICC हस्तक्षेप करे।” फिलहाल, पुरुष टीमों के बीच अगला मुकाबला फरवरी 2026 के चैंपियंस ट्रॉफी में है, जहां सभी की नजरें होंगी कि क्या यह सकारात्मक बदलाव बरकरार रहेगा।

यह घटना क्रिकेट को राजनीति से अलग रखने की मांग को और मजबूत करती है। क्या अब ‘हैंडशेक’ फिर से सामान्य हो जाएगा? समय बताएगा।

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