सहारनपुर में मुस्लिम समाज का आतंकवाद के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन: आसिफ मुनीर और असद मसूद के पुतले जलाए
सहारनपुर में मुस्लिम समाज का आतंकवाद के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन: आसिफ मुनीर और असद मसूद के पुतले जलाए
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में मुस्लिम समुदाय ने दिल्ली के रेड फोर्ट ब्लास्ट और धीरेंद्र शास्त्री को निशाना बनाने की साजिश के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर आतंकवाद का पुरजोर विरोध दर्ज किया और पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिफ मुनीर तथा जैश-ए-मोहम्मद सरगना असद मसूद (मसूद अजहर) के पुतले जलाए। यह प्रदर्शन शहर के प्रमुख चौराहों पर आयोजित हुआ, जहां नारेबाजी के बीच ‘आतंकवाद का विरोध, भारत का साथ’ जैसे स्लोगन गूंजे। स्थानीय प्रशासन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी थी, और भारी पुलिस बल तैनात रहा।
प्रदर्शन का आयोजन जामा मस्जिद कमेटी और अन्य मुस्लिम संगठनों ने किया। आयोजकों ने कहा कि दिल्ली ब्लास्ट जैसी घटनाएं न केवल निर्दोषों की जान लेती हैं, बल्कि पूरे समाज को कमजोर करती हैं। एक वक्ता ने कहा, “हम भारत के नागरिक हैं और आतंकवाद किसी धर्म या समुदाय का नहीं, बल्कि मानवता का दुश्मन है। पाकिस्तान प्रायोजित आतंक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” पुतला दहन के दौरान आसिफ मुनीर को ‘आतंक का सरपरस्त’ और असद मसूद को ‘सीमा पार हमलों का सूत्रधार’ बताते हुए नारेबाजी की गई। वीडियो फुटेज में दिखा कि प्रदर्शनकारी तिरंगा थामे हुए थे, जो राष्ट्रीय एकता का संदेश दे रहा था।
यह प्रदर्शन दिल्ली ब्लास्ट की जांच से जुड़ा है, जहां NIA ने पाकिस्तान-आधारित जैश-ए-मोहम्मद के हाथ होने का खुलासा किया है। ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हुई थी, और गिरफ्तार आरोपी आमिर राशिद अली की पूछताछ से बड़े नेटवर्क का पता चला। सहारनपुर में एक आरोपी को पहले ही पकड़ा जा चुका है, जिसने स्थानीय समुदाय में आक्रोश बढ़ा दिया। मुस्लिम नेताओं ने इसे ‘देशद्रोही तत्वों के खिलाफ एकजुटता’ का प्रतीक बताया। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी समर्थन देते हुए कहा कि ऐसे प्रदर्शन समाज को मजबूत बनाते हैं।
प्रदर्शन के बाद आयोजकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें आतंकवाद रोकने के लिए कड़े कदमों की मांग की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना मुस्लिम समुदाय की देशभक्ति को दर्शाती है, जो अक्सर गलतफहमियों का शिकार होता है। सहारनपुर, जो पहले सांप्रदायिक तनाव के लिए जाना जाता था, अब शांति और एकता की मिसाल पेश कर रहा है। फिलहाल, कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, लेकिन प्रशासन सतर्कता बरत रहा है।
