राष्ट्रीय

सोनभद्र खदान हादसा: माइनिंग कंपनी के मालिक समेत 3 पर FIR, एक मजदूर की मौत; 15 फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

सोनभद्र खदान हादसा: माइनिंग कंपनी के मालिक समेत 3 पर FIR, एक मजदूर की मौत; 15 फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक पत्थर की खदान के धंसने से बड़ा हादसा हो गया। खनन के दौरान पहाड़ी का एक हिस्सा गिरने से एक मजदूर की मौत हो चुकी है, जबकि 15 से ज्यादा मजदूर मलबे के नीचे फंसे होने का अनुमान है। मृतक मजदूर के भाई की शिकायत पर माइनिंग कंपनी ‘कृष्णा माइंस’ के मालिक समेत तीन लोगों के खिलाफ ओबरा कोतवाली में FIR दर्ज कराई गई है। NDRF, SDRF और स्थानीय पुलिस की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं, लेकिन बड़े पत्थरों के कारण काम मुश्किल हो रहा है। जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

हादसा शनिवार दोपहर करीब 4:30 बजे बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र की कृष्णा माइनिंग वर्क्स खदान में हुआ। मजदूर ब्लास्टिंग के लिए ड्रिलिंग कर रहे थे, तभी खदान की दीवार अचानक धंस गई, जिससे कई मजदूर मलबे में दब गए। मृतक की पहचान परसोई गांव निवासी राजू सिंह गौर (उम्र 35) के रूप में हुई। रेस्क्यू टीम ने उनके मोबाइल फोन से कॉन्टैक्ट नंबर डायल कर पहचान की पुष्टि की। मृतक के भाई छोटू यादव ने तहरीर में आरोप लगाया कि कंपनी ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया, जिससे हादसा हुआ। FIR IPC की धारा 304A (लापरवाही से मौत) और माइंस एक्ट के तहत दर्ज हुई। आरोपी – कंपनी मालिक और दो पार्टनर – अभी फरार हैं, पुलिस टीमें गठित कर गिरफ्तारी की कोशिश कर रही हैं।

सोनभद्र के एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया, “घटना की सूचना मिलते ही NDRF मिर्जापुर से रवाना हो गई। रविवार सुबह एक शव बरामद हुआ, लेकिन बाकी मजदूरों को निकालना चुनौतीपूर्ण है।” डीएम बीएन सिंह ने कहा कि खदान की दीवार अचानक गिरने से मजदूर फंस गए। स्थानीय विधायक व मंत्री संजीव कुमार गोंड ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा, “खदान की वैधता और सुरक्षा पर जांच होगी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।” ADG वाराणसी जोन पियूष मोरदिया ने X पर पोस्ट कर कहा कि रॉकफॉल से मजदूर दबे हैं, रेस्क्यू में सतर्कता बरतनी पड़ रही।

यह हादसा सोनभद्र के खनन क्षेत्र की सुरक्षा चिंताओं को फिर उजागर करता है, जहां अवैध खनन और लापरवाही से पहले भी कई दुर्घटनाएं हुई हैं। 2023 में इसी जिले में एक कोयला खदान हादसे में 5 मजदूर मारे गए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि ओपन-पिट माइंस में बड़े पत्थर हटाने के लिए भारी मशीनरी जरूरी है, लेकिन मौके पर सीमित संसाधन हैं। प्रभावित परिवारों में आक्रोश है; एक परिजन ने कहा, “कंपनी ने सेफ्टी गियर तक नहीं दिया।” प्रशासन ने मलबे हटाने के लिए ड्रिलिंग मशीनें तैनात की हैं, लेकिन रात होने से काम धीमा पड़ गया।

जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर (05346-233200) जारी किया है। क्या सभी मजदूर सुरक्षित निकल पाएंगे? रेस्क्यू टीमों का कहना है कि अगले कुछ घंटों में और अपडेट्स आएंगे। केंद्र व राज्य सरकार ने मजदूर कल्याण योजनाओं पर जोर दिया है, लेकिन ग्राउंड लेवल पर सख्ती की जरूरत है। फिलहाल, सोनभद्र में शोक की लहर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *