टिम कुक के संभावित उत्तराधिकारी: जानिए जॉन टर्नस की पूरी कहानी, जो ले सकते हैं ऐपल की कमान
टिम कुक के संभावित उत्तराधिकारी: जानिए जॉन टर्नस की पूरी कहानी, जो ले सकते हैं ऐपल की कमान
ऐपल कंपनी में सीईओ टिम कुक के उत्तराधिकार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 65 वर्षीय कुक के संभावित रिटायरमेंट की अफवाहों के बीच, कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ हार्डवेयर इंजीनियरिंग जॉन टर्नस (50) उभरते नाम के रूप में सामने आ रहे हैं। फाइनेंशियल टाइम्स और ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट्स के अनुसार, टर्नस को कुक का सबसे संभावित वारिस माना जा रहा है, खासकर चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जेफ विलियम्स के साल के अंत तक कंपनी छोड़ने के बाद। यह ट्रांजिशन ऐपल के 14 साल पुराने नेतृत्व युग का अंत हो सकता है, जहां कुक ने कंपनी को 3 ट्रिलियन डॉलर वैल्यूएशन तक पहुंचाया।
जॉन टर्नस का सफर एक साधारण इंजीनियर से ऐपल के टॉप एक्जीक्यूटिव तक का है। 1975 में जन्मे टर्नस ने यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री हासिल की। कॉलेज के दिनों में वे स्विमिंग चैंपियन रह चुके हैं, जहां उन्होंने नेशनल लेवल पर मेडल जीते। ग्रेजुएशन के बाद, उन्होंने वर्चुअल रिसर्च सिस्टम्स में मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया, जो कंप्यूटर हार्डवेयर पर फोकस्ड कंपनी थी। 2001 में, जब ऐपल ने पहला iPod लॉन्च किया, तभी टर्नस कंपनी में शामिल हुए। शुरुआत में वे iPod के हार्डवेयर इंजीनियरिंग टीम का हिस्सा थे।
समय के साथ टर्नस की जिम्मेदारियां बढ़ती गईं। 2011 में वे iPad के इंजीनियरिंग मैनेजर बने, जहां उन्होंने हर जनरेशन के टैबलेट को शेप दिया। 2013 में, वे सीनियर डायरेक्टर ऑफ हार्डवेयर इंजीनियरिंग बने, और 2016 में वाइस प्रेसिडेंट का पद संभाला। 2019 से वे सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हैं, जो सीधे टिम कुक को रिपोर्ट करते हैं। उनकी टीम iPhone, iPad, Mac, AirPods, Apple Watch और Vision Pro जैसे सभी हार्डवेयर प्रोडक्ट्स की इंजीनियरिंग संभालती है। टर्नस को ऐपल के कस्टम सिलिकॉन चिप्स (जैसे M-सीरीज) के विकास में अहम भूमिका के लिए जाना जाता है, जिसने कंपनी को इंटेल प्रोसेसर्स से आजादी दिलाई। हाल के iPhone 16 और iPhone Air लॉन्च इवेंट्स में टर्नस को स्पॉटलाइट मिला, जहां उन्होंने प्रोडक्ट डेमो दिए—एक संकेत जो सक्सेशन प्लानिंग का हिस्सा माना जा रहा है।
टर्नस को कुक का उत्तराधिकारी मानने के कई कारण हैं। पहला, उनकी उम्र: 50 वर्ष, ठीक वही जो कुक थी जब उन्होंने 2011 में सीईओ पद संभाला। इससे बोर्ड को लंबे समय की स्थिरता मिलेगी। दूसरा, टेक्निकल एक्सपर्टाइज: हार्डवेयर बैकग्राउंड ऐपल की इनोवेशन कल्चर से मेल खाता है, खासकर AI, मिक्स्ड रियलिटी और स्मार्ट होम जैसे न्यू एरियाज में। तीसरा, पर्सनैलिटी: ब्लूमबर्ग के मार्क गुरमैन के अनुसार, टर्नस “माइल्ड-मैनर्ड, अच्छे प्रेजेंटर और विवादों से दूर रहने वाले” हैं। कुक खुद कह चुके हैं कि वे इंटरनल कैंडिडेट को प्रेफर करते हैं। अन्य नाम जैसे क्रेग फेडेरighi (सॉफ्टवेयर) या डीड्रे ओ’ब्रायन (रिटेल) भी हैं, लेकिन टर्नस की इंजीनियरिंग डेप्थ और 24 साल का टेन्योर उन्हें आगे रखता है।
ऐपल के COO जेफ विलियम्स के जुलाई में रिटायरमेंट अनाउंसमेंट ने सक्सेशन को तेज कर दिया। विलियम्स, जो पहले टॉप कंटेंडर थे, अब चाइना ऑपरेशंस पर फोकस करेंगे। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट कहती है कि कुक 2026 की शुरुआत में चेयरमैन बन सकते हैं, और नया CEO जनवरी के अर्निंग्स रिपोर्ट के बाद अनाउंस हो सकता है। गुरमैन का कहना है कि कुक कम से कम तीन साल और रहेंगे, लेकिन प्लानिंग इंटेंसिफाई हो रही है।
टर्नस की अगुवाई में ऐपल नई चुनौतियों का सामना करेगा—जैसे जेनरेटिव AI में देरी, मिक्स्ड रियलिटी का सीमित सक्सेस और ऑटोनॉमस व्हीकल्स में पिछड़ना। लेकिन उनकी इंजीनियरिंग विजन से कंपनी को नई दिशा मिल सकती है। फिलहाल, ऐपल चुप्पी साधे है, लेकिन हॉलिडे सीजन के बाद बड़ा ऐलान संभव। क्या टर्नस ऐपल को अगला गोल्डन एरा देंगे? इंडस्ट्री वॉचर्स की नजरें टर्नस पर टिकी हैं।
