Tuesday, April 28, 2026
Latest:
राजनीति

बिहार में प्रचंड जीत के बाद नीतीश से मिले चिराग, पासवान ने फिर की नीतीश कुमार की तारीफ

बिहार में प्रचंड जीत के बाद नीतीश से मिले चिराग, पासवान ने फिर की नीतीश कुमार की तारीफ

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ऐतिहासिक जीत ने राज्य की सियासत में नया दौर शुरू कर दिया है। 243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए ने 202 सीटों पर कब्जा जमाकर प्रचंड बहुमत हासिल किया, जबकि महागठबंधन मात्र 35 सीटों पर सिमट गया। इस सुनामी जैसी जीत के ठीक एक दिन बाद, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शनिवार सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके 1, अणे मार्ग स्थित आवास पर औपचारिक मुलाकात की। इस भेंट में चिराग ने नीतीश की तारीफों के पुल बांधे और एनडीए की जीत का श्रेय उन्हें दिया, जो पुरानी कड़वाहट को मिटाने का संकेत दे रहा है।

चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिसे 89 सीटें मिलीं। जनता दल (यूनाइटेड) को 75, चिराग की लोजपा (रामविलास) को 29, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी को 6 और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को 3 सीटें हासिल हुईं। दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को महज 25 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस 6, भाकपा-माले 2 और अन्य सहयोगी दलों को सीमित सफलता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, “यह सुशासन की जीत है, विकास की जीत है। बिहार के मेरे परिवारजनों का बहुत-बहुत आभार।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इसे “जंगलराज के खिलाफ ऐतिहासिक जनादेश” करार दिया।

मुलाकात के बाद चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम के पश्चात आज बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी से मुलाकात कर उन्हें एनडीए के प्रचंड बहुमत की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।” पत्रकारों से बातचीत में चिराग ने कहा, “नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। विपक्ष ने झूठी कहानियां गढ़कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जनता ने सुशासन पर भरोसा जताया। मुझे खुशी है कि मुख्यमंत्री ने हर घटक दल की भूमिका को सराहा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि लोजपा सरकार गठन में पूर्ण रूप से सहयोग करेगी और नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बने रहें, जो उनकी निजी इच्छा भी है।

यह मुलाकात एनडीए के भीतर सौहार्द का प्रतीक बनी। 2020 के चुनाव में चिराग की पार्टी ने नीतीश के खिलाफ बगावत की थी, जिससे जेडीयू को नुकसान हुआ था। लेकिन इस बार सीट बंटवारे में चिराग को 29 सीटें मिलीं, जो उनकी मेहनत का फल है। चिराग ने कहा, “2020 में हमें जीरो सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार एनडीए ने हमें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। यह मेरे पिता रामविलास पासवान के सपनों की साकारता है।” नीतीश कुमार ने भी चिराग का स्वागत किया और कहा, “हम सब मिलकर बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।”

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत जातिगत समीकरणों, महिलाओं के वोट और विकास के एजेंडे पर आधारित है। भाजपा ने ‘जंगलराज’ के आरोप लगाकर आरजेडी को घेरा, जबकि नीतीश की छवि ने ओबीसी-ईबीसी वोटों को एकजुट किया। महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव ने हार स्वीकार करते हुए कहा, “हम परिणामों का विश्लेषण करेंगे।” कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए, लेकिन एनडीए की लहर को रोकना मुश्किल साबित हुआ।

अब सबकी नजरें सरकार गठन पर हैं। चिराग की तारीफ से साफ है कि नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री पद संभालेंगे। चिराग ने कहा, “हमारी पार्टी सरकार में शामिल होने को उत्सुक है। बिहार पहले, बिहारी पहले।” यह मुलाकात न केवल एनडीए की एकजुटता दिखाती है, बल्कि बिहार की राजनीति में नए समीकरणों का संकेत भी। क्या यह चिराग के लिए मंत्रिमंडल में बड़ा पद दिलाएगा? आने वाले दिन इसका जवाब देंगे। फिलहाल, बिहार ‘सुशासन बाबू’ के नेतृत्व में विकास की राह पर अग्रसर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *