बिहार विधानसभा चुनाव 2025: NDA की प्रचंड जीत, 200 पार सीटें; नीतीश कुमार को मिली पांचवीं बार सत्ता
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: NDA की प्रचंड जीत, 200 पार सीटें; नीतीश कुमार को मिली पांचवीं बार सत्ता
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को ऐतिहासिक जीत दिलाई है। 243 सीटों वाली सभा में NDA ने 200 से अधिक सीटें हासिल कर बहुमत को धूल चटा दिया, जबकि महागठबंधन (MGB) को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में BJP-JD(U) गठबंधन ने एंटी-इनकंबेंसी को करारा जवाब देते हुए विकास और कल्याणकारी योजनाओं के दम पर जनादेश हासिल किया।
सीटों का ब्योरा:
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, NDA ने 236 सीटों के नतीजों में 198 सीटें जीत ली हैं और चार पर बढ़त बरकरार है। BJP ने 92 सीटों पर कब्जा जमाया, JD(U) को 81 मिलीं, जबकि LJP(RV) को 19, HAM को 5 और RLM को 4 सीटें हासिल हुईं।824290 दूसरी ओर, RJD को महज 20, कांग्रेस को 6 और AIMIM को 5 सीटें मिलीं। जन सुराज पार्टी (JSP) का डेब्यू फ्लॉप रहा, कोई सीट नहीं मिली।
नीतीश कुमार का जलवा:
74 वर्षीय नीतीश कुमार ने 20 साल की सत्ता की थकान के बावजूद जनता का भरोसा कायम रखा। JD(U) ने 2020 की 43 सीटों से दोगुनी से ज्यादा (81) हासिल कीं। उन्होंने कहा, “यह जनता का विकास के प्रति विश्वास है। NDA के सभी साथी—चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा—के सहयोग से बिहार अब सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।”
मोदी का ‘MY’ फॉर्मूला चला:
प्रधानमंत्री नर मोदी ने दिल्ली बीजेपी मुख्यालय से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जीत को “महिला और युवा (MY) की जीत” बताया। उन्होंने कहा, “पुरानी ‘मुस्लिम-यादव’ वाली साजिश को तोड़ दिया गया। यह विकास, शासन और सामाजिक न्याय की जीत है। गंगा बिहार से बंगाल तक बह रही है।” मोदी ने महिलाओं और युवाओं की बढ़ी भागीदारी को जीत का श्रेय दिया।
महागठबंधन की करारी हार:
RJD के तेजस्वी यादव ने रघोपुर सीट तो बरकरार रखी (13,880 वोटों से जीत), लेकिन पार्टी 75 से घटकर 20 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस को सिर्फ 3-6 सीटें मिलीं, जबकि राहुल गांधी ने नतीजों को “निष्पक्ष नहीं” बताते हुए चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “यह परिणाम आश्चर्यजनक हैं। हम संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ते रहेंगे।” प्राशांत किशोर की JSP का खाता भी न खुला।
जीत के 5 प्रमुख कारण:
महिलाओं का समर्थन: 67% से ज्यादा वोटिंग में महिलाओं ने NDA के कल्याणकारी योजनाओं (जैसे मुफ्त बिजली, पेंशन) को तरजीह दी।
सीट बंटवारे का स्मार्ट फॉर्मूला: NDA ने जातिगत समीकरण साधे, जबकि MGB में वोट बंट गए।
नीतीश फैक्टर: ‘फीनिक्स’ सीएम की विश्वसनीयता ने एंटी-इनकंबेंसी को झेला।
वोट फ्रैगमेंटेशन: MGB के वोट बंटे, NDA का वोट शेयर मजबूत (लगभग 55%)।
मोदी मैजिक: पीएम की रैलियां और केंद्रीय मंत्रियों का प्रचार।
उत्सव का माहौल:
पटना, दिल्ली और जम्मू में NDA समर्थक सड़कों पर उतर आए। लिट्टी-चोखा और जलेबी की दावतें हुईं। बीजेपी 16 नवंबर को पूरे बिहार में विजय समारोह आयोजित करेगी। विपक्ष के ‘वोट चोरी’ आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने कहा, “यह जनता का फैसला है, जंगलराज की हार।”
यह जीत न केवल बिहार की राजनीति को नई दिशा देगी, बल्कि 2026 के बंगाल चुनावों के लिए NDA को बूस्ट भी। नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है।
