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इस्लामाबाद कोर्ट के पास सुसाइड ब्लास्ट: 6 की मौत, 12 घायल; पाकिस्तान में सुरक्षा अलर्ट, TTP का हाथ?

इस्लामाबाद कोर्ट के पास सुसाइड ब्लास्ट: 6 की मौत, 12 घायल; पाकिस्तान में सुरक्षा अलर्ट, TTP का हाथ?

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मंगलवार सुबह डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स (इस्लामाबाद डिस्ट्रिक्ट कोर्ट) के पास एक शक्तिशाली सुसाइड ब्लास्ट में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह हमला कोर्ट के मुख्य प्रवेश द्वार के पास हुआ, जहां एक विस्फोटक से लदी कार या व्यक्ति ने खुद को उड़ा लिया। घटना सुबह करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है, जब कोर्ट में वकीलों और स्टाफ की भीड़ उमड़ी हुई थी। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, मृतकों में एक जज, दो वकील और तीन सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। घायलों को तुरंत इस्लामाबाद के पीएनएस हॉस्पिटल और अन्य नजदीकी मेडिकल सेंटर्स में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना का विवरण: सुसाइड अटैकर ने कोर्ट गेट पर हमला बोला

पुलिस स्पोक्सपर्सन के अनुसार, सुसाइड अटैकर ने कोर्ट कॉम्प्लेक्स के गेट नंबर 1 के पास विस्फोटक डिवाइस डिटोनेट की। विस्फोट की तीव्रता इतनी थी कि आसपास की 4-5 गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं, और कोर्ट की दीवारें धस गईं। प्रत्यक्षदर्शी एक वकील ने समा टीवी को बताया, “धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि लगा भूकंप आ गया। मैं कोर्ट हॉल से बाहर निकल रहा था, जब धुआं और चीखें सुनाई दीं।” फॉरेंसिक टीम ने साइट सील कर सबूत इकट्ठा किए हैं, जिसमें IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के अवशेष मिले हैं। प्रारंभिक जांच में अमोनियम नाइट्रेट आधारित विस्फोटक का इस्तेमाल लग रहा है।

यह हमला पाकिस्तान की राजधानी में 5 वर्षों का सबसे बड़ा आतंकी घटना है। TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) ने अभी तक जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे TTP या उसके सहयोगी गुटों से जोड़ रही हैं। आर्मी ने इसे “खारिज” (विद्रोही) बताया, जो TTP के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द है।

सुरक्षा अलर्ट: इस्लामाबाद में हाई अलर्ट, सरकारी भवनों पर निगरानी

घटना के बाद इस्लामाबाद में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। पुलिस और रेंजर्स ने कोर्ट, सरकारी दफ्तरों, हाई सिक्योरिटी जोन और हाई कोर्ट के आसपास सिक्योरिटी बढ़ा दी। सभी एंट्री पॉइंट्स पर चेकिंग शुरू हो गई, और ड्रोन सर्विलांस का इस्तेमाल किया जा रहा है। आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई, जहां अफगानिस्तान बॉर्डर पर निगरानी सख्त करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, “यह कायराना हमला है। हम आतंक के खिलाफ लड़ेंगे।” इंटीरियर मिनिस्ट्री ने कहा, “हमले का मकसद न्याय व्यवस्था को डराना था।”

पाकिस्तान में हाल के महीनों में आतंकी घटनाएं बढ़ी हैं। मार्च 2024 में बालोचिस्तान में चाइनीज इंजीनियर्स पर सुसाइड अटैक में 6 मारे गए थे। TTP ने अफगानिस्तान से ऑपरेट करते हुए कई हमले किए हैं।

जांच और प्रतिक्रिया: TTP का हाथ, अंतरराष्ट्रीय चिंता

ISI (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) और CTD (काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट) ने जॉइंट जांच शुरू की। अफगानिस्तान में TTP हैंडलर्स की तलाश तेज। अमेरिकी दूतावास ने स्टाफ को सतर्क रहने की सलाह दी। चाइना ने भी चिंता जताई, क्योंकि CPEC प्रोजेक्ट्स प्रभावित हो सकते हैं।

पीड़ित परिवारों ने न्याय की मांग की। एक वकील के भाई ने कहा, “यह न्यायपालिका पर हमला है।” सरकार ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया।

यह हमला पाकिस्तान की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है। जांच जारी – पूरी सच्चाई जल्द सामने आएगी।

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