यूपी में AAP नेता संजय सिंह फूंकेंगे बदलाव का बिगुल: सरयू से संगम तक 180 किमी की ऐतिहासिक पदयात्रा, रोजगार-सामाजिक न्याय पर संवाद
यूपी में AAP नेता संजय सिंह फूंकेंगे बदलाव का बिगुल: सरयू से संगम तक 180 किमी की ऐतिहासिक पदयात्रा, रोजगार-सामाजिक न्याय पर संवाद
लखनऊ: आम आदमी पार्टी (AAP) ने उत्तर प्रदेश में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के लिए बड़ा दांव खेला है। पार्टी ने 12 नवंबर से 24 नवंबर तक “रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो” नामक 180 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का ऐलान किया है। यह यात्रा अयोध्या की सरयू नदी से शुरू होकर प्रयागराज के संगम तक जाएगी। इसका नेतृत्व राज्यसभा सांसद संजय सिंह करेंगे, जो पार्टी के यूपी इंचार्ज हैं। संजय सिंह ने कहा, “यह यात्रा राजनीतिक रस्म नहीं, जनता के अधिकारों की लड़ाई है। हम युवाओं, किसानों और मजदूरों के दर्द को आवाज देंगे।” यह पदयात्रा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले AAP की राज्य में सक्रियता बढ़ाने का प्रयास है।
यात्रा का रूट और उद्देश्य: अयोध्या से प्रयागराज तक 13 दिनों का सफर
180 किमी की यह ऐतिहासिक यात्रा अयोध्या के सरयू घाट से 12 नवंबर को शुरू होगी और 24 नवंबर को प्रयागराज के संगम पर समाप्त होगी। रास्ते में बहराइच, गोंडा, फैजाबाद, सुल्तानपुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ और भदोही जैसे जिले कवर होंगे। यात्रा के दौरान गांव, कस्बों, शहरों और मोहल्लों में जनसभाएं होंगी, जहां रोजगार, सामाजिक न्याय, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और शिक्षा पर संवाद होगा। AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने बताया, “यह यात्रा जनभागीदारी से चलेगी। युवा, किसान, शिक्षक, समाजसेवी और हर वर्ग के लोग शामिल होंगे। हम सरकार से जवाब मांगेंगे कि बेरोजगारी क्यों बढ़ रही है।”
संजय सिंह ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “उत्तर प्रदेश में 2.5 करोड़ युवा बेरोजगार हैं। सरकार भव्य भवनों पर खर्च कर रही है, लेकिन नौकरियां नहीं दे रही। हम सरयू से संगम तक जाकर जनता के दर्द को सुनेंगे और बदलाव का बिगुल फूकेंगे।” यात्रा का थीम सॉन्ग “मैं देश बचाने निकला हूं” अल्तमाश फरीदी द्वारा गाया गया है, जो पार्टी के प्रचार में इस्तेमाल होगा। AAP का लक्ष्य 10 लाख लोगों से संपर्क करना है, ताकि पार्टी की सदस्यता बढ़े।
AAP की यूपी स्ट्रैटेजी: 2027 चुनाव से पहले बेस स्ट्रॉन्ग
AAP ने यूपी में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को महज 1.5% वोट मिले थे, लेकिन दिल्ली मॉडल (शिक्षा-स्वास्थ्य) पर फोकस कर अब ग्रामीण और युवा वोटरों को टारगेट कर रही है। संजय सिंह ने कहा, “हम BJP-SP की साजिशों से लड़ेंगे। यह यात्रा आम आदमी की आवाज बनेगी।” पार्टी ने 403 सीटों पर उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। पूर्व विधानसभा चुनाव में AAP ने 623 उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन अब फोकस प्रमुख सीटों पर है।
संभावित चुनौतियां: BJP का पलटवार, सुरक्षा इंतजाम
BJP ने यात्रा को “राजनीतिक स्टंट” बताया। यूपी BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, “AAP दिल्ली की साफ-सफाई पर फेल हो गई, अब यूपी में क्या सिखाएगी?” यात्रा के दौरान सुरक्षा चिंताएं हैं, क्योंकि अयोध्या-प्रयागराज रूट संवेदनशील है। AAP ने DM-SP से अनुमति मांगी है। संजय सिंह ने कहा, “हम शांतिपूर्ण यात्रा करेंगे, लेकिन सरकार दमन न करे।”
यह पदयात्रा AAP की यूपी में पहली बड़ी पहल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केजरीवाल मॉडल को ग्रामीण यूपी तक ले जाने का प्रयास है। यात्रा की सफलता पार्टी की सियासी किस्मत तय करेगी।
