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पीएनबी घोटाला: मेहुल चौकसी की गीतांजलि जेम्स की 46 करोड़ की 13 संपत्तियां होंगी नीलाम, PMLA कोर्ट ने दी मंजूरी

पीएनबी घोटाला: मेहुल चौकसी की गीतांजलि जेम्स की 46 करोड़ की 13 संपत्तियां होंगी नीलाम, PMLA कोर्ट ने दी मंजूरी

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चौकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड की 13 असुरक्षित संपत्तियों की नीलामी को मुंबई की विशेष PMLA अदालत ने हरी झंडी दे दी है। अदालत ने 4 नवंबर को पारित आदेश में इन संपत्तियों का मूल्यांकन और नीलामी की अनुमति दी, जिनकी अनुमानित कीमत 46 करोड़ रुपये है। नीलामी से प्राप्त राशि को अदालत के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में जमा करने का निर्देश दिया गया है, ताकि मुकदमे के समापन तक प्रभावित बैंकों को वितरित किया जा सके। यह कदम 23,000 करोड़ रुपये के इस ऐतिहासिक बैंकिंग घोटाले में प्रभावित पक्षों को राहत प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

विशेष PMLA जज ए.वी. गुजराती ने फैसले में कहा, “यदि संपत्तियां बिना रखरखाव के खाली पड़ी रहेंगी, तो उनकी कीमत निश्चित रूप से घट जाएगी। इसलिए इस मामले में तत्काल आदेश जरूरी है।” इन संपत्तियों में मुंबई के बोरिवली स्थित प्रोजेक्ट तत्व ऊर्जा में चार फ्लैट्स (प्रत्येक की कीमत लगभग 2.6 करोड़ रुपये), बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के भारत डायमंड बोर्स में एक वाणिज्यिक इकाई जिसमें 14 कार पार्किंग स्पेस शामिल हैं (कुल 19.7 करोड़ रुपये), गोरेगांव पूर्व के विरवानी इंडस्ट्रियल एस्टेट में छह गलाएं (18.7 करोड़ रुपये), गोरेगांव के उद्योग नगर में एक गाला, जयपुर एसईजेड में सिल्वर ब्रिक्स, अर्ध-कीमती पत्थर और मशीनें शामिल हैं। ये मूल्यांकन 2018 के हैं, और लिक्विडेटर शांतनु राय को इन्हें नीलाम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

यह फैसला गीतांजलि जेम्स के लिक्विडेटर की याचिका पर आया, जिसे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समर्थन दिया। ईडी ने कहा कि यह न्याय के हित में है। पीएनबी घोटाला 2011 से 2018 के बीच हुआ, जिसमें चौकसी और उनके भतीजे नीरव मोदी ने अपनी कंपनियों—गीतांजलि जेम्स, गिली इंडिया और नक्षत्र ब्रांड्स—के नाम पर धोखाधड़ीपूर्ण लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) प्राप्त किए। इससे पीएनबी को 3,011.39 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि विदेशी लेटर्स ऑफ क्रेडिट की सीमा 3,086.24 करोड़ रुपये बढ़ाई गई। चौकसी और मोदी पर मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप हैं।

चौकसी 2 जनवरी 2018 को भारत छोड़कर भाग गए, दावा किया कि चिकित्सा उपचार के लिए जा रहे हैं। उन्हें फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर घोषित किया गया है। हाल ही में बेल्जियम की अदालत ने उनका भारत प्रत्यर्पण मंजूर किया, कहा कि आरोप “गंभीर” हैं और इसमें आपराधिक गिरोह, धोखाधड़ी व जाली दस्तावेज शामिल हैं। हालांकि, चौकसी ने इसे बेल्जियम की सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। नीरव मोदी यूके की जेल में प्रत्यर्पण लड़ रहे हैं। ईडी ने अब तक 2,565.9 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं, जिनमें से 125 करोड़ रुपये की पहले ही नीलामी हो चुकी है।

यह नीलामी घोटाले से प्रभावित बैंकों को कुछ राहत देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के प्रयास मजबूत होंगे। ईडी ने कहा कि जांच जारी है, और और संपत्तियां जब्त की जा रही हैं। यदि नीलामी सफल रही, तो यह पीएनबी जैसे बैंकों के लिए वसूली का नया द्वार खोलेगी। चौकसी पर 15,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है, और उनका प्रत्यर्पण होने पर मुकदमा तेज होगा।

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