कठुआ में दो SPO बर्खास्त: आतंकवादियों से संबंधों का खुलासा, पहले भी गिरफ्तार हो चुके थे अब्दुल लतीफ और मोहम्मद अब्बास
कठुआ में दो SPO बर्खास्त: आतंकवादियों से संबंधों का खुलासा, पहले भी गिरफ्तार हो चुके थे अब्दुल लतीफ और मोहम्मद अब्बास
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वाले दो विशेष पुलिस अधिकारियों (SPO) को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। आतंकवादियों के साथ कथित संबंधों के कारण यह सख्त कार्रवाई की गई, जो क्षेत्र में आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी बजा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहिता शर्मा ने रविवार को दोनों SPO—अब्दुल लतीफ और मोहम्मद अब्बास—की तत्काल बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। दोनों पर आतंकवादी गतिविधियों में सहायता और समर्थन देने के गंभीर आरोप हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब्दुल लतीफ और मोहम्मद अब्बास को पहले भी आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया जा चुका था। अब्दुल लतीफ वर्तमान में डोडा जेल में बंद है, जबकि मोहम्मद अब्बास के खिलाफ भी प्राथमिकी (FIR) दर्ज है। जांच में पता चला कि ये दोनों आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट, जानकारी और अन्य सहायता प्रदान कर रहे थे, जो कठुआ जैसे संवेदनशील सीमावर्ती जिले में एक बड़ी सुरक्षा चूक का संकेत है। कठुआ, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा हुआ है, लंबे समय से आतंकी घुसपैठ और हमलों का केंद्र रहा है।
यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा है, जो आंतरिक खतरों को कुचलने पर केंद्रित है। एसएसपी मोहिता शर्मा ने कहा, “सुरक्षा बलों में घुसपैठिए तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। ये SPO आतंकियों की मदद करके निर्दोष नागरिकों और सुरक्षाबलों की जान को खतरे में डाल रहे थे।” बर्खास्तगी के बाद दोनों के खिलाफ आपराधिक जांच तेज कर दी गई है, और उनके संपर्कों की गहन पड़ताल चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह मॉड्यूल लश्कर-ए-तैयबा या जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से जुड़ा हो सकता है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
कठुआ जिले में हाल के महीनों में आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं। पिछले साल ही यहां कई घुसपैठ की कोशिशें नाकाम की गईं, और सुरक्षाबलों ने दर्जनों आतंकियों को मार गिराया। लेकिन आंतरिक सहयोगियों का खुलासा पुलिस के लिए झटका है। विशेषज्ञों का मानना है कि SPO जैसी अर्धसैनिक इकाइयों में भर्ती प्रक्रिया को और सख्त करने की जरूरत है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हम नियमित स्क्रीनिंग और इंटेलिजेंस आधारित जांच चला रहे हैं ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”
यह घटना क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयासों को रेखांकित करती है। केंद्र सरकार ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा ग्रिड को अपग्रेड करने के लिए अतिरिक्त फंड आवंटित किया है। स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है, कहते हुए कि इससे आतंकवाद पर अंकुश लगेगा। यदि जांच में और सह-आरोपी सामने आए, तो यह बड़ा खुलासा हो सकता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें। कठुआ में शांति बहाली के लिए यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।
