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रणजी ट्रॉफी में इतिहास रचा: मेघालय के आकाश कुमार चौधरी ने 11 गेंदों में लगाया सबसे तेज अर्धशतक, आठ लगातार छक्कों का कमाल

रणजी ट्रॉफी में इतिहास रचा: मेघालय के आकाश कुमार चौधरी ने 11 गेंदों में लगाया सबसे तेज अर्धशतक, आठ लगातार छक्कों का कमाल

रणजी ट्रॉफी 2025-26 के प्लेट ग्रुप मुकाबले में सूरत के सी.के. पिठावाला ग्राउंड पर शनिवार को क्रिकेट का एक नया अध्याय लिखा गया। मेघालय के 25 वर्षीय बल्लेबाज आकाश कुमार चौधरी ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ पहली पारी में महज 11 गेंदों पर अर्धशतक ठोककर फर्स्ट-क्लास क्रिकेट इतिहास रच दिया। इस धमाकेदार पारी से उन्होंने इंग्लैंड के वेन व्हाइट (12 गेंद, 2012) और क्लाइव इनमैन (13 गेंद, 1965) के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। आकाश की नाबाद 50 रनों की पारी में एक चौका भी नहीं था—सिर्फ आठ छक्के, जिनमें से सात लगातार आठ गेंदों पर लगाए गए, जो फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में अब तक का अनोखा रिकॉर्ड है।

मुकाबले के आखिरी चरण में नंबर 8 पर क्रीज पर उतरे आकाश ने अपनी शुरुआत एक डॉट बॉल और दो सिंगल से की, लेकिन उसके बाद लेफ्ट-आर्म स्पिनर लिमार डाबी के 126वें ओवर में छह लगातार छक्के जड़कर स्टेडियम को झूमने पर मजबूर कर दिया। आकाश ने कुल आठ लगातार छक्के लगाए, जो किसी भी बल्लेबाज के लिए विश्व रिकॉर्ड है। इससे पहले सिर्फ गैरी सोबर्स (1968) और रवि शास्त्री (1985) ही एक ओवर में छह छक्के लगा पाए थे। आकाश का यह अर्धशतक मात्र नौ मिनट में पूरा हुआ, जो गेंदों के लिहाज से सबसे तेज है, हालांकि समय के हिसाब से क्लाइव इनमैन (आठ मिनट) अब भी आगे हैं।

आकाश की इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर मेघालय ने अपनी पहली पारी 6 विकेट पर 628 रन बनाकर घोषित कर दी। इससे पहले अरुणाचल प्रदेश पहली पारी में 35 रन ही बना सकी, जिससे मेघालय को 593 रनों की विशाल बढ़त मिली। आकाश से पहले मेघालय की पारी को संभाला अर्पित भटेवाड़ा ने, जो 207 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। वहीं, आर. दलाल ने 144 रनों का योगदान दिया। आकाश ने कुल 14 गेंदें खेलीं, लेकिन रिकॉर्ड 11 गेंदों पर ही अर्धशतक पूरा कर लिया।

यह उपलब्धि मेघालय जैसे छोटे क्रिकेटिंग राज्य के लिए गर्व का विषय है। आकाश, जो 2019 से फर्स्ट-क्लास क्रिकेट खेल रहे हैं, ने अब तक 30 मैचों में 503 रन बनाए हैं। बीसीसीआई घरेलू क्रिकेट इकाई ने सोशल मीडिया पर इस रिकॉर्ड को शेयर करते हुए लिखा, “आकाश कुमार: 11 गेंदों में 50 रन (0x4, 8×6)। मेघालय 628/6।” क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह पारी न केवल रणजी ट्रॉफी का, बल्कि पूरी फर्स्ट-क्लास क्रिकेट का नया मानदंड स्थापित करती है। आकाश ने मैच के बाद कहा, “यह मेरे लिए सपना जैसा था। टीम को मजबूत स्कोर दिलाने का लक्ष्य था, रिकॉर्ड तो बस बोनस है।”

भारतीय क्रिकेट में छोटे राज्यों का योगदान बढ़ रहा है। हाल ही में बिहार के वैभव सूर्यवंशी सबसे युवा रणजी खिलाड़ी बने, तो गोवा ने उच्चतम साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया। आकाश की यह पारी युवा प्रतिभाओं को प्रेरित करेगी। मैच रविवार को जारी रहेगा, जहां अरुणाचल को पहाड़ी चढ़ाई करनी होगी। यह रिकॉर्ड निश्चित रूप से क्रिकेट इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों से लिखा जाएगा।

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