छत्तीसगढ़ में भयानक रेल हादसा: पैसेंजर ट्रेन मालगाड़ी से टकराई, 6 की मौत, 20 से ज्यादा घायल – रेलवे ने की 10 लाख की मुआवजा घोषणा
छत्तीसगढ़ में भयानक रेल हादसा: पैसेंजर ट्रेन मालगाड़ी से टकराई, 6 की मौत, 20 से ज्यादा घायल – रेलवे ने की 10 लाख की मुआवजा घोषणा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास आज शाम करीब 4 बजे एक दर्दनाक रेल हादसा हो गया। कोरबा से बिलासपुर आ रही MEMU (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गई एक खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पैसेंजर ट्रेन के इंजन और पहले दो कोच बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इस हादसे में कम से कम 6 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हैं। घायलों को बिलासपुर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है। रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 5 लाख और सामान्य घायलों को 1 लाख रुपये की तत्काल मुआवजा राशि घोषित की है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, MEMU ट्रेन (ट्रेन नंबर 68260) कोरबा जिले के गेवरा से बिलासपुर की ओर आ रही थी। लाल खदान क्षेत्र में बिलासपुर-कटनी सेक्शन पर खड़ी मालगाड़ी के गार्ड कोच से जोरदार टक्कर हुई। टक्कर के कारण ओवरहेड वायरें टूट गईं, सिग्नल सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हो गया, और ट्रेन के पहले दो कोच मलबे में तब्दील हो गए। चश्मदीदों ने बताया कि ट्रेन की स्पीड ज्यादा होने के कारण वह रुक नहीं पाई। बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा, “मौके पर रेलवे और जिला प्रशासन की टीमें पहुंची हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, और घायलों को तुरंत मेडिकल मदद दी जा रही है।”
हादसे के बाद तुरंत रेस्क्यू और राहत कार्य
मौके पर पहुंची टीमें: रेलवे के NDRF (नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स), GRP (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) और स्थानीय पुलिस की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। क्षतिग्रस्त कोचों से यात्रियों को बाहर निकालने में घंटों लग गए। बिलासपुर रेलवे डिवीजन के CPRO सुस्कर विपुल विलासराव ने बताया, “ट्रेनें एक ही ट्रैक पर चल रही थीं, लेकिन सटीक कारण की जांच रेलवे सेफ्टी कमिश्नर करेंगे।”
घायलों का इलाज: घायलों को SMS हॉस्पिटल और बिलासपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, “5 मौतें कन्फर्म हो चुकी हैं, 3 घायल स्थिर हैं जबकि 2 की हालत नाजुक है।”
ट्रेन सेवाओं पर असर: हादसे के कारण बिलासपुर-कटनी रूट पर ट्रेनें प्रभावित हुईं। कई ट्रेनों को डायवर्ट या शॉर्ट टर्मिनेट किया गया। रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर्स जारी किए: बिलासपुर – 7777857335, चांपा – 8085956528, कोरबा – 7869953330।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: CM ने जताया शोक, विपक्ष ने उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने X पर लिखा, “बिलासपुर के पास हुए रेल हादसे की खबर अत्यंत दुखद है। मैंने कलेक्टर से बात की और तत्काल राहत के निर्देश दिए।” डिप्टी CM अरुण साव ने कहा, “यह बेहद दुखद है। मालगाड़ी खड़ी थी, MEMU ट्रेन पीछे से टकराई। सीनियर अधिकारी मौके पर हैं।”
विपक्षी दलों ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ने कहा, “बार-बार हादसे हो रहे हैं, सिग्नल सिस्टम की खराबी क्यों नहीं सुधरी?” रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी शोक व्यक्त किया और जांच के आदेश दिए।
कारणों की जांच: सिग्नल फेलियर या मानवीय चूक?
प्रारंभिक जांच में सिग्नल सिस्टम की खराबी या ड्राइवर की लापरवाही का शक है। रेलवे सेफ्टी कमिश्नर की पूर्ण जांच होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि ओवरहेड वायर टूटने से बिजली सप्लाई बाधित हुई, जिससे रेस्क्यू में देरी हुई। यह हादसा भारतीय रेलवे की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है, खासकर MEMU ट्रेनों में जहां इंजन और पैसेंजर कोच एक साथ होते हैं।
यह हादसा रेल यात्रियों के लिए चेतावनी है। रेलवे ने सभी संसाधन जुटाए हैं, लेकिन मृतकों के परिवारों का दर्द कम न होगा। अपडेट्स के लिए बने रहें।
