राजनीति

‘ये मोदी का छोटा भाई…’, तेजस्वी यादव पर ओवैसी का तीखा हमला: बिहार चुनाव में मुस्लिम वोटबैंक पर छिड़ी जंग

‘ये मोदी का छोटा भाई…’, तेजस्वी यादव पर ओवैसी का तीखा हमला: बिहार चुनाव में मुस्लिम वोटबैंक पर छिड़ी जंग

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग से ठीक दो दिन पहले सियासी तलवारें तेज हो गई हैं। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने RJD नेता तेजस्वी यादव पर जोरदार हमला बोला, उन्हें ‘मोदी का छोटा भाई’ करार देते हुए कहा कि वे अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं। यह बयान कटिहार की एक रैली में आया, जहां ओवैसी ने तेजस्वी के कथित ‘एक्सट्रीमिस्ट’ वाले बयान को सिमांचल क्षेत्र की मुस्लिम समुदाय का अपमान बताया। तेजस्वी ने इसे ‘नॉन-इश्यू’ करार दिया, लेकिन RJD-AIMIM के बीच तनाव बढ़ गया है, जो महागठबंधन के मुस्लिम वोटबैंक को प्रभावित कर सकता है।

ओवैसी ने रैली में कहा, “तेजस्वी यादव ने मुझे एक्सट्रीमिस्ट कहा। मैं पूछता हूं, बाबू, एक्सट्रीमिस्ट को तुम जरा अंग्रेजी में लिखकर बता दो? वे मोदी के छोटे भाई बनकर नफरत फैला रहे हैं। यह सिमांचल के अल्पसंख्यक समुदाय का अपमान है।” उन्होंने तेजस्वी के बयान को पीएम नरेंद्र मोदी की नकल बताया, और कहा कि सिमांचल की जनता RJD को इसका जवाब देगी। ओवैसी ने X पर भी पोस्ट किया: “तेजस्वी ने मेरी टोपी और दाढ़ी देखकर एक्सट्रीमिस्ट कहा। यह पूरे सिमांचल का अपमान है।”

विवाद की शुरुआत: तेजस्वी का ‘एक्सट्रीमिस्ट’ बयान

विवाद की जड़ 3 नवंबर को किशनगंज की एक रैली में तेजस्वी यादव का बयान है, जहां उन्होंने ओवैसी को ‘एक्सट्रीमिस्ट’ कहा। तेजस्वी ने कहा कि AIMIM जैसे नेता मुस्लिम वोटों को बांटते हैं और सिमांचल में RJD के वोट काटते हैं। यह बयान 2020 चुनाव के बाद AIMIM के 5 सीटें जीतने से उपजा है, जिसने महागठबंधन को नुकसान पहुंचाया था। तेजस्वी ने मंगलवार को पटना प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे खारिज किया: “यह कोई मुद्दा ही नहीं है। हम विकास और नौकरियों पर फोकस कर रहे हैं।” लेकिन ओवैसी ने इसे महागठबंधन में दरार का सबूत बताया।

सिमांचल क्षेत्र (किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया आदि) मुस्लिम बहुल है, जहां मुस्लिम वोट RJD के लिए महत्वपूर्ण हैं। AIMIM का दावा है कि वे यहां मजबूत हैं, और तेजस्वी का बयान वोट शेयरिंग का असर डालेगा।

राजनीतिक संदर्भ: बिहार चुनाव में मुस्लिम वोटबैंक की जंग

यह हमला बिहार चुनाव के बीच आया है, जहां NDA (बीजेपी-JD(U)) और महागठबंधन (RJD-कांग्रेस) के बीच कांटे की टक्कर है। तेजस्वी ने हाल ही में 10 लाख नौकरियां, किसानों को बोनस (धान पर ₹300, गेहूं पर ₹400 क्विंटल) और मुफ्त बिजली जैसे वादे किए हैं। दूसरी ओर, पीएम मोदी ने RJD पर ‘जंगल राज’ का आरोप लगाया, और लालू प्रसाद की तस्वीरें न लगाने पर तंज कसा।

ओवैसी का यह बयान AIMIM को मजबूत करने का प्रयास लगता है, जो सिमांचल में RJD के वोट काट सकती है। तेज प्रताप यादव (लालू के बड़े बेटे) ने भी तेजस्वी पर ‘बच्चा’ कहकर तंज कसा, महुआ सीट पर भाई-भाई की टक्कर हो रही है।

RJD का बचाव, AIMIM का पलटवार

RJD प्रवक्ता मनीष यादव ने कहा, “ओवैसी खुद वोट बांटने वाले हैं। तेजस्वी का बयान साफ था – विकास के लिए एकजुट रहें।” AIMIM ने इसे ‘मोदी की भाषा अपनाने’ का प्रमाण बताते हुए कहा कि तेजस्वी NDA की लाइन पर चल रहे हैं।

एक्सपर्ट्स की राय: वोटबैंक पर असर

राजनीतिक विश्लेषक का मानना है कि यह बयान महागठबंधन के लिए नुकसानदेह है, खासकर सिमांचल में जहां मुस्लिम वोट 40% हैं। NDA इसका फायदा उठा सकता है। पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को 66 सीटों पर है, और रिजल्ट 14 नवंबर को। यह विवाद चुनावी माहौल को और गर्म कर रहा है।

बिहार की सियासत में ‘भाई’ वाला तंज नया नहीं, लेकिन ओवैसी का हमला तेजस्वी की छवि को प्रभावित कर सकता है। अपडेट्स के लिए बने रहें!

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