मारुति शोरूमों में हेलमेट की हो रही भरमार: टू-व्हीलर से कार की ओर बढ़ रहे ग्राहक, फेस्टिव सीजन में बुकिंग्स में उछाल
मारुति शोरूमों में हेलमेट की हो रही भरमार: टू-व्हीलर से कार की ओर बढ़ रहे ग्राहक, फेस्टिव सीजन में बुकिंग्स में उछाल
इस फेस्टिव सीजन में मारुति सुजुकी के शोरूम एक अनोखे नजारे पेश कर रहे हैं। जहां पहले बाइक हेलमेट्स की जगह मॉडल ब्रोशर और टेस्ट ड्राइव की बातें होती थीं, वहीं अब डिस्कशन टेबल पर हेलमेट्स की भरमार हो गई है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी पार्थो बनर्जी ने बताया कि ये हेलमेट्स उन टू-व्हीलर मालिकों के हैं, जो अब कार खरीदने की ओर रुख कर रहे हैं। जीएसटी कटौती और आकर्षक ईएमआई स्कीम्स के चलते छोटी कारों की डिमांड में तेजी आई है, जिससे ऑटो सेक्टर में एक बड़ा शिफ्ट देखने को मिल रहा है।
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सेल्स एंड मार्केटिंग) पार्थो बनर्जी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा, “आजकल हम अपने शोरूम में हेलमेट्स की गिनती कर रहे हैं। डिस्कशन टेबल्स पर ढेर सारे हेलमेट पड़े मिलते हैं। ये नए ग्राहक हैं—टू-व्हीलर ओनर्स, जो फोर-व्हीलर की ओर अपग्रेड करना चाहते हैं।” यह ट्रेंड फेस्टिव सीजन के दौरान खासतौर पर नजर आया है, जब कंपनी ने 3.5 लाख से ज्यादा बुकिंग्स रिकॉर्ड कीं। इनमें नई लॉन्च हुई मारुति विक्टोरिस की करीब 33,000 यूनिट्स बुक हुईं।
जीएसटी कट से छोटी कारों को मिला बूस्ट
पिछले महीने छोटी कारों (18% जीएसटी कैटेगरी) पर जीएसटी को 28% से घटाकर 18% करने का फैसला कार बाजार के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ है। इससे एंट्री-लेवल मॉडल्स जैसे ऑल्टो और एस-प्रेसो की कीमतों में 11-13% की कमी आई। कंपनी ने नवरात्रि से शुरू हुई ‘1,999 रुपये ईएमआई’ स्कीम को दिवाली तक बढ़ा दिया, जो खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों के टू-व्हीलर यूजर्स को लुभा रही है। बनर्जी ने कहा, “इस स्कीम का रिस्पॉन्स जबरदस्त रहा। पहले कार को अफोर्ड न कर पाने वाले टू-व्हीलर ग्राहक अब शोरूम्स में आ रहे हैं। हेलमेट्स का नजारा इसका सबसे अच्छा इंडिकेटर है।”
मारुति के चेयरमैन आरसी भार्गव ने भी इस ट्रेंड की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अक्टूबर में फेस्टिव पीरियड के बाद भी रिटेल सेल्स 20% बढ़ीं, जिसमें छोटी कारों की बिक्री 30% उछली। बड़ी कारों में भी 4-5% की ग्रोथ हुई। “लोग अभी भी छोटी कारें खरीदना पसंद कर रहे हैं,” भार्गव ने जोर दिया।
टू-व्हीलर सेल्स में मंदी, कार सेगमेंट में तेजी
दूसरी ओर, टू-व्हीलर सेक्टर में मंदी का साया है। जून 2025 में हीरो मोटोकॉर्प की सेल्स में सिर्फ 6.8% की मामूली बढ़ोतरी हुई, जबकि बजाज ऑटो और अन्य कंपनियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मारुति के अनुसार, बढ़ते रेगुलेटरी कॉस्ट्स के कारण एंट्री-लेवल कारों की बिक्री पहले ही प्रभावित हो रही थी, लेकिन जीएसटी कट ने इसे पलट दिया। एफवाई25 में एंट्री-लेवल कारों (5 लाख से नीचे) की बिक्री घटकर 25,402 यूनिट्स रह गई थी, जो एफवाई16 के 9.3 लाख से काफी कम थी। अब कंपनी उम्मीद कर रही है कि ये इंसेंटिव्स टू-व्हीलर से कार की ओर माइग्रेशन को तेज करेंगे।
डीलर्स का भी यही कहना है। पश्चिम भारत के एक मारुति डीलर ने बताया, “धनतेरस और दिवाली के दौरान बुकिंग्स में बड़ा उछाल आएगा। ग्रामीण इलाकों से पूछताछ बढ़ी है, हालांकि कन्वर्जन अभी सीमित है।” कुल मिलाकर, मारुति का मार्केट शेयर एफवाई25 में 40.9% तक गिर गया था, लेकिन एफवाई26 में रिकॉर्ड सेल्स की उम्मीद है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
ऑटो इंडस्ट्री एनालिस्ट्स का मानना है कि यह शिफ्ट आर्थिक रिकवरी और मिडिल क्लास की बढ़ती खरीदारी का संकेत है। हालांकि, लॉन्ग-टर्म में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) और एसयूवी ट्रेंड पर नजर रखनी होगी। मारुति ने एक्सपोर्ट्स में भी 20% ग्रोथ का टारगेट रखा है, जो कुल सेल्स को बूस्ट देगा।
फेस्टिव सीजन के इस जोश के बीच, मारुति शोरूम अब न सिर्फ कारों का अड्डा बन चुके हैं, बल्कि टू-व्हीलर से फोर-व्हीलर की जर्नी का भी गवाह। हेलमेट्स की यह ‘भरमार’ भारतीय ऑटो मार्केट के नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक लग रही है।
