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बिहार के मोकामा हत्याकांड में EC की सख्ती: SP समेत 4 अफसरों का तबादला, 1 को सस्पेंड—DGP से रिपोर्ट तलब, जांच तेज

बिहार के मोकामा हत्याकांड में EC की सख्ती: SP समेत 4 अफसरों का तबादला, 1 को सस्पेंड—DGP से रिपोर्ट तलब, जांच तेज

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले मोकामा क्षेत्र में हुई हिंसा पर निर्वाचन आयोग (ECI) की त्वरित प्रतिक्रिया सामने आयी है। 1 नवंबर 2025 (शनिवार) को ECI ने जन सुराज पार्टी समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (SP) सहित 4 अधिकारियों का तबादला कर दिया, जबकि बाढ़ अनुमंडल के एसडीपीओ अभिषेक सिंह को निलंबित करने का आदेश जारी किया। यह कदम घटना के बाद स्थानीय प्रशासन की कथित लापरवाही पर उठाया गया, और ECI ने बिहार के DGP विनय कुमार से दोपहर 12 बजे तक एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है।

कार्रवाई का विवरण: कौन-कौन प्रभावित?

ECI के आदेश के अनुसार, निम्नलिखित अधिकारी हटाए गए हैं:

पटना ग्रामीण SP: मानवजीत सिंह ढिल्लों का तबादला।

बाढ़ के सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) चंदन कुमार: मोकामा विधानसभा (178) के रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में हटाए गए।

दो एसडीपीओ: बाढ़ अनुमंडल के अन्य दो एसडीपीओ (नाम स्पष्ट नहीं) का तबादला।

सस्पेंड: बाढ़ के एसडीपीओ अभिषेक सिंह को तत्काल निलंबित।

इससे पहले, पटना ग्रामीण SP कार्तिकेय शर्मा ने घटना के सिलसिले में घोसवारी SHO मधुसूदन कुमार और भदौर SHO रवि रंजन को निलंबित किया था, जो ECI की कार्रवाई का आधार बना। ECI ने बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) से भी कंप्लायंस रिपोर्ट मांगी है, ताकि चुनावी हिंसा को रोका जा सके।

घटना का पुनरावलोकन: कैसे हुई हत्या?

30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के तारताड़ (टाल) गांव में जन सुराज पार्टी प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव (55 वर्ष) पर हमला हुआ। दुलारचंद, जो कभी RJD नेता और लालू प्रसाद के करीबी रहे, अब जन सुराज से जुड़े थे। झड़प में पैर में गोली लगी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि मौत फेफड़े फटने, पसलियां टूटने और आंतरिक रक्तस्राव से हुई—गोली घातक नहीं थी। हमलावरों ने कथित तौर पर उन्हें गाड़ी से कुचल दिया। अनंत सिंह (जदयू) समर्थकों पर आरोप है, जबकि अनंत ने RJD प्रत्याशी सूरजभान पर दोष मढ़ा।

पुलिस कार्रवाई: अब तक 3 FIR दर्ज, 2 गिरफ्तारियां (कर्मवीर और राजबीर, अनंत सिंह के कथित करीबी), और 35 से अधिक संदिग्ध हिरासत में। मृतक के पोते ने 5 और 6 आरोपियों की पहचान की। पटना ग्रामीण SP विक्रम सिहाग ने कहा, “जांच तेज, कोई बख्शा नहीं जाएगा।”

राजनीतिक प्रतिक्रिया: जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने इसे “सुनियोजित हत्या” बताया। RJD नेता तेजस्वी यादव ने न्यायिक जांच की मांग की। अनंत सिंह ने इनकार किया।

ECI का रुख: चुनावी हिंसा पर जीरो टॉलरेंस

ECI ने 31 अक्टूबर को ही DGP से रिपोर्ट तलब की थी, और आज की कार्रवाई से साफ है कि चुनाव आयोग बिहार में कानून-व्यवस्था पर सख्त निगरानी रख रहा है। यह घटना मोकामा जैसे संवेदनशाली क्षेत्रों में तनाव बढ़ा रही है, जहां अनंत सिंह और दुलारचंद की पुरानी दुश्मनी जगजाहिर है। आगे की जांच में पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट (1 नवंबर को आने वाली) महत्वपूर्ण होगी।

यह कार्रवाई बिहार चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने का संकेत है।

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