TMC का बडा ऐलान: 4 नवंबर को ममता-अभिषेक की अगुवाई में SIR के खिलाफ कोलकाता में विशाल रैली—BJP पर ‘षड्यंत्र’ का आरोप
TMC का धमाकेदार ऐलान: 4 नवंबर को ममता-अभिषेक की अगुवाई में SIR के खिलाफ कोलकाता में विशाल रैली—BJP पर ‘षड्यंत्र’ का आरोप
हां, यह खबर पूरी तरह सत्यापित है और पश्चिम बंगाल की राजनीति को गरमा रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि 4 नवंबर 2025 को कोलकाता में विशाल रैली का आयोजन होगा, जिसकी अगुवाई मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी करेंगे। यह रैली चुनाव आयोग (ECI) के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)—मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन—के खिलाफ होगी, जिसे TMC ‘साइलेंट इनविजिबल रिगिंग’ (गुप्त धांधली) करार दे रही है। पार्टी का दावा है कि SIR के जरिए BJP सही मतदाताओं के नाम काटकर 2026 विधानसभा चुनाव में हेरफेर करना चाहती है, खासकर अल्पसंख्यक और गरीब वर्गों को निशाना बनाकर।
SIR विवाद: TMC का आरोप और BJP का जवाब
TMC का स्टैंड: अभिषेक बनर्जी ने कहा, “SIR BJP का ‘वोटर सिलेक्शन’ का प्लान है, जो केंद्र के इशारे पर चल रहा है। अगर एक भी वैध मतदाता का नाम कटा, तो बंगाल से 1 लाख लोग दिल्ली में ECI कार्यालय के बाहर धरना देंगे।” ममता ने लोगों से शांत रहने की अपील की, लेकिन चेतावनी दी कि BJP के ‘डिवाइड एंड रूल’ की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी ने राज्यव्यापी ‘एंटी-SIR कैंपेन’ शुरू कर दिया है, जिसमें स्थानीय नेताओं को BJP कार्यकर्ताओं से ‘माता-पिता के सर्टिफिकेट’ मांगने की हिदायत दी गई है।
BJP का पलटवार: राज्य BJP अध्यक्ष सुकांता मजुमदार ने SIR को ‘घुसपैठियों को साफ करने’ का जरूरी कदम बताया, जबकि विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी ने TMC पर ‘झूठ फैलाने’ का आरोप लगाया। उन्होंने SIR से जुड़ी कथित आत्महत्याओं पर तंज कसा, “उत्तर बंगाल में एक तेंदुआ NRC के डर से मर गया, TMC वाले वहां जाकर देख लें।”
ECI पर सवाल: TMC ने SIR की समयबद्धता पर उंगली उठाई, जो 2026 चुनाव से ठीक पहले हो रही है। पार्टी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, “मतदाता सूची संशोधन से कोई आपत्ति नहीं, लेकिन BJP के इशारे पर वैध नाम काटे गए तो लोकतांत्रिक विरोध होगा।” कलकत्ता हाईकोर्ट में SIR को कोर्ट-निगरानी में कराने की याचिका पर सुनवाई चल रही है।
रैली का महत्व: 2026 चुनाव से पहले राजनीतिक संदेश
यह रैली TMC की एंटी-SIR कैंपेन का क्लाइमेक्स होगी, जो दशहरा के बाद शुरू हुई बीजोया संमेलनियों से प्रेरित है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, रैली में हजारों समर्थक जुटेंगे, और यह BJP के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन का संकेत देगी। ममता ने कहा, “कोई वैध नागरिक बाहर नहीं होगा; BJP का डर का राज चलेगा नहीं।” यह ऐलान बंगाल की सियासत को और ध्रुवीकृत कर रहा है, जहां SIR से जुड़ी कथित आत्महत्याओं (जैसे पनिहाटी में प्रदीप कार की) ने तनाव बढ़ा दिया है।
TMC का यह कदम 2026 चुनाव से पहले वोटर बेस को मजबूत करने की रणनीति लगता है।
