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नागपुर में सड़कों पर उतरें हजारों किसान, सरकार से की ये मांग

नागपुर में सड़कों पर उतरें हजारों किसान, सरकार से की ये मांग

महाराष्ट्र के नागपुर में किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। पूर्व मंत्री और प्रहार जनशक्ति पार्टी के नेता बच्चू कडू के नेतृत्व में हजारों किसान नागपुर-हैदराबाद हाईवे (एनएच-44) पर धरने पर बैठ गए। कर्जमाफी, फसल नुकसान का मुआवजा, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और फसल बोनस की मांग को लेकर यह ‘महा एल्गार’ आंदोलन दूसरे दिन भी जोरों पर है।

अमरावती से ट्रैक्टर और बैलगाड़ियों के काफिले के साथ निकले किसान मंगलवार रात नागपुर सीमा पर पहुंचे। जामठा फ्लाईओवर के पास उन्होंने सड़क जाम कर दी। 25-30 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसमें लोग 12-16 घंटे से फंसे हैं। पेट्रोल पंप सूख गए, खाने-पीने की किल्लत हो गई। एंबुलेंस तक जाम में फंस गईं। कांटेदार तारें और टायर जलाकर छोटी सड़कों को भी ब्लॉक कर दिया गया।

बच्चू कडू ने कहा, “सरकार ने सोयाबीन पर 6 हजार और हर फसल पर 20% बोनस का वादा किया, लेकिन कुछ नहीं मिला। कर्जमाफी हो, दिव्यांगों को 6 हजार पेंशन मिले।” उन्होंने दोपहर 12 बजे तक अल्टीमेटम दिया- मांगें मानो वरना ट्रेनें रोकी जाएंगी, भारत बंद होगा। 1-1.5 लाख किसान पहुंच चुके, और आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह जिले में यह आंदोलन सरकार के लिए चुनौती। दो राज्यमंत्री बातचीत के लिए पहुंचे, लेकिन किसान लिखित आश्वासन पर अड़े। पुलिस हाई अलर्ट पर, ट्रैफिक डायवर्ट। स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के राजू शेट्टी समर्थन में।

किसान बोले, “जय जवान-जय किसान!” यह सिर्फ कर्ज का नहीं, वादाखिलाफी का विद्रोह है। आंदोलन कब तक चलेगा, सरकार की प्रतिक्रिया पर निर्भर।

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