गाजा में फिर युद्ध की आहट: नेतन्याहू ने सीजफायर तोड़कर ‘शक्तिशाली हमले’ का आदेश दिया, हमास पर उल्लंघन का आरोप
गाजा में फिर युद्ध की आहट: नेतन्याहू ने सीजफायर तोड़कर ‘शक्तिशाली हमले’ का आदेश दिया, हमास पर उल्लंघन का आरोप
इजरायल-हमास संघर्ष में अस्थिर शांति की उम्मीदें धूमिल पड़ गईं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार (28 अक्टूबर 2025) को इजरायली सेना को गाजा पर “शक्तिशाली हमले” करने का तत्काल आदेश दे दिया। उनका दफ्तर ने बयान जारी कर कहा कि हमास ने 10 अक्टूबर से लागू अमेरिका-ब्रोकरेड सीजफायर का “स्पष्ट उल्लंघन” किया है। यह आदेश दक्षिणी गाजा के राफाह शहर में हमास लड़ाकों द्वारा इजरायली सेना पर एंटी-टैंक मिसाइल और स्नाइपर फायर के जवाब में आया, जिससे दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई।
नेतन्याहू ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई, जहां IDF ने गाजा में हमलों के पैकेज पेश किए, जिसमें हवाई हमले और कब्जे वाले इलाके का विस्तार शामिल है। बयान में कहा गया, “हमास ने गाजा में बंधकों के शवों को गलत पहचान देकर लौटाया, जो समझौते का उल्लंघन है।” इजरायली अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को लौटाए गए अवशेषों की जांच में पता चला कि वे 2023 में ही रिकवर हो चुके बंधक ओफिर त्जार्फाती के हैं, जो 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले में अपहृत हुए थे। हमास ने हमले को “आत्मरक्षा” बताया और कहा कि इजरायल ने सीजफायर के 125 उल्लंघन किए, जिसमें 94 फिलिस्तीनियों की मौत शामिल है।
सीजफायर 10 अक्टूबर को लागू हुआ था, जिसके तहत हमास ने 20 जीवित बंधकों को रिहा किया था, बदले में इजरायल ने 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ा। अब तक 15 मृत बंधकों के शव लौटाए गए हैं, लेकिन बाकी 13 के लिए विवाद है। हमास ने मंगलवार को एक बंधक का शव लौटाने का प्लान स्थगित कर दिया, इजरायल के “उल्लंघनों” का हवाला देते हुए। IDF ने राफाह में हमास के हमले के जवाब में इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ब्रोकरेज में बने इस सीजफायर को उनकी सबसे बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा था, लेकिन अब यह खतरे में है। व्हाइट हाउस ने हमास के हमले को “महत्वपूर्ण उल्लंघन” न मानते हुए इजरायल से संयम बरतने को कहा। ट्रंप, जो एशिया दौरे पर हैं, से संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी कि कट्टर कदम सीजफायर को पूरी तरह तोड़ सकता है। इजरायल के दक्षिणपंथी मंत्री युद्ध फिर शुरू करने की मांग कर रहे हैं, जबकि नेतन्याहू पर घरेलू राजनीति का दबाव है।
गाजा मीडिया ऑफिस ने इजरायल पर 80 से ज्यादा उल्लंघनों का आरोप लगाया, जिसमें 80 फिलिस्तीनियों की मौत हुई। हमास ने कहा कि बंधकों के शव ढूंढना मुश्किल है, क्योंकि गाजा में तबाही मची है। इजरायल ने वेस्ट बैंक में तीन हमास लड़ाकों को मार गिराया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना मार्च 2025 के हमलों की याद दिलाती है, जब सीजफायर टूटा था। यूरोपीय कमिश्नर हज्जा लाहबिब ने नेतन्याहू की शांति प्रतिबद्धता पर संदेह जताया।
कुल मिलाकर, यह आदेश गाजा में नई हिंसा की आशंका पैदा कर रहा है, जो क्षेत्रीय स्थिरता को और खतरे में डाल सकता है।
